Thursday, September 29, 2022
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शर्मनाक: बच्चा रोए न इसलिए नौकरानी बच्चे को दूध में भांग देकर सुला देती थी, खुद करती थी मौज

झांसी। अगर आप भी नौकरीशुदा है और आपके पास बच्चे है और बच्चे की देखरेख करने के लिए नौकरानी रखी है तो यह खबर आपके काम की है। इस खबर को पढ़ने के बाद भी आप कह उठेंगे क्या कोई ऐसा भी कर सकता है। यह हैरान करने वाला सामने आया है। बुंदेलखंड के झांसी से यहां एक शिक्षिका ने अपनी मासूम बच्चे का ख्याल रखने के लिए एक नौकरानी घर में रखी हुई थी।

वह रोज अपने बच्चे को उसके भरोसे छोड़कर नौकरी पर चली जाती थी, घर पर बच्चा रोता तो नौकरानी को कामकाज में दिक्कत होती। फिर नौकरानी ने मासूम को भांग खिलानी शुरू कर दी। इसको खाने के बाद बच्चा दिनभर सोता रहता था। जब इसका खुलासा हुआ तब शिक्षिका ने नौकरानी को काम से हटा दिया।

लंबे समय से कर रही थी काम

शहर क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका के यहां लंबे समय से नौकरानी घर का काम करती थी। पति-पत्नी रोज बच्चे को नौकरानी के भरोसे छोड़कर अपने-अपने काम पर जाते। दोपहर में शिक्षिका जब लौटकर आती तो उसे बच्चा सोता हुआ मिलता। स्कूल की छुट्टियां हुईं तो शिक्षिका के सामने दिनभर बच्चा चिड़चिड़ाता रहता था। फिर शिक्षिका ने नौकरानी से पूछा कि जब वह स्कूल से आती थीं, तब रोज बच्चा सोता मिलता था, अब क्यों रोता रहता है।

नौकरानी ने कहा कि बच्चे के पेट में दर्द होता है। इसलिए वह दूध में मिलाकर दवा दे देती थी, इससे उसे आराम मिल जाता था। इस पर शिक्षिका के होश उड़ गए। उसने दवा के बारे में पूछा। नौकरानी ने उन्हें भांग की गोली दी। शिक्षिका ने पास के डॉक्टर के पास जाकर वो दवा दिखाई। तब पता चला कि नौकरानी उनके बच्चे को भांग की गोली खिला रही थी। फिर शिक्षिका ने नौकरानी को काम से हटा दिया।

पागल हो सकता था बच्चा

मनोचिकित्सक डॉ. अमन किशोर ने बताया कि भांग खाने वाला भविष्य में पागलपन व डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। आत्महत्या की प्रवृत्ति जागृत होने के अलावा व्यक्ति छोटी सी बात पर आवेश में आकर दूसरों की भी जान ले सकता है। इन दिनों युवाओं में भी भांग का सेवन करने के मामले काफी बढ़े हैं। ऐसे में परिजनों को भी निगरानी रखने की जरूरत है।’

नौकरानी बोली- मुझे तो मेरी मां खिलाती थी

मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षिका नौकरानी को मनोरोगी समझकर जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक के पास लेकर पहुंची। डॉक्टर को नौकरानी ने बताया कि पेट में दर्द होने पर वह रोती थी तो उसकी मां भांग की गोली खिला देती थी। इससे उसे आराम मिल जाता था। इसलिए जब शिक्षिका का बच्चा रोता था तो उसे लगता था कि पेट में दर्द हो रहा होगा। इसलिए वह गोली खिला देती थी।

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