वाराणसी। Anganwadi worker murdered यूपी के वाराणसी जिले से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पकड़े दंपती ने जो कहानी सुनाई उसके अनुसार मामला थोड़ा पेंचीद निकलकर सामने आया। 21 वर्षीय युवक के अनुसार 45 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को संतान नहीं थी, इसलिए वह उससे संबंध बनाना चाहती थी। वह उस पर इस काम के लिए दबाव बनाती थी, बात न मानने पर पुलिस में शिकायत की धमकी दी थी। इसी बात से नाराज होकर उसने पत्नी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों हत्यारोपी दंपती को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में 11 दिसंबर को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता की हत्या से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। हत्यारों ने सुबह के समय घर में घुसकर मुंह में कपड़ा ठूंसकर और धारदार हथियार व सिलबट्टे से वार करके इस वारदात को अंजाम दिया था। जिस समय यह घटना हुई थी, उस समय अनुपमा के पति शैलेश कुमार पटेल घर से दूध बेचने गए थे। यह हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके परिचित और पास ही ने रहने वाले मोहित यादव (21) और अंजलि चौहान (21) ने मिलकर की थी।
पति घर लौटा तो हुई जानकारी
परिजनों के अनुसार, अनुपमा सुबह 5 बजे उठकर खाना बना रही थी। पति शैलेश कुमार पटेल दूध बेचने गया था। जब वह 10 बजे के करीब वापस आया तो देखा कि कमरे में उसकी पत्नी जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी। उसकी की चीख सुनकर पड़ोसी जुट गए। इसके बाद शैलेश ने अपने पास के रिश्तेदार शुभम को फोन कर बुलाया। शुभम ने इसकी सूचना 112 नंबर डायल कर पुलिस को दी। पुलिस ने पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तो घर में हत्या के साथ ही लूट का पता चला। अनुपमा की शादी 15 साल हो गए थे, लेकिन उसे कोई बच्चा नहीं था। देवर कमलेश और सांस बेला देवी, ससुर विक्रम पटेल, के साथ लक्ष्मणपुर गांव में रहता है। सीता पति के साथ गांव से कुछ दूरी पर मकान बनाकर रहती थी।
सीता के पति सुबह 5 बजे दूध के पैकेट बेचने बाजार जाते थे। पत्नी घर से ही दूध की बिक्री करती थी। शैलेश रोज 10 बजे आता था। इसके बाद सीता को पांडेयपुर स्थित आंगनबाड़ी में छोड़ने चले जाते थे। सीता की सास ने बताया सुबह मैं टहलते हुए आई तो वह झाड़ू लगा रही थी। पति शैलेश की तहरीर के आधार पर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ हत्या का प्राथमिक दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।
हत्या के बाद भाग गए होटल
शुक्रवार को शिवपुर पुलिस की टीम ने हत्या मामले में मीरापुर बसही निवासी मोहित यादव (21) और नवलपुर निवासी अंजलि चौहान (21) को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने दोनों को शिवपुर रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा था। चोरी के जेवर और नकद रुपये मिले। पूछताछ में पता चला मोहित यादव पत्नी अंजलि चौहान के साथ सीता के घर के पास शारदा विहार कॉलोनी (लक्ष्मणपुर) में किराए पर रहता था। सीता से दूध खरीदने के दौरान मोहित का परिचय हो गया था। आरोप है कि सीता की कोई संतान नहीं थी। इसलिए वह मोहित से संबंध बनाना चाहती थी। इसके लिए वह मोहित यादव पर दबाव बनाती थी। ऐसा न करने पर पुलिस से शिकायत कर फंसाने की धमकी देती थी। मोहित यादव ने पूरी बात को पत्नी अंजलि चौहान को बताई। इसके बाद दोनों ने यह तय किया कि इसे रास्ते से हटा देते हैं।
घर में घुसकर ली जान
11 दिसंबर की सुबह सीता के घर दोनों पहुंचे। अंजलि चौहान अनुपमा के घर से थोड़ी दूर पहले रूक गई। मोहित यादव पीछे के रास्ते से घर में घुसकर सीता को घर में पड़े सिल बट्टे व स्टील के ड्रम से सिर, चेहरे व गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद सीता के पहने हुए जेवर व अलमारी में रखे जेवरात, नगद रुपये लेकर घर से बाहर आया। उसके कपड़े पर खून लगा हुआ था, इसे छिपाने के लिए उसने पत्नी अंजलि की शाल ओढ़ ली। यहां से ऑटो पकड़कर भोजूबीर होते हुए वापस होम स्टे में आकर रूक गए।शुक्रवार को बाहर भागने की फिराक में रेलवे स्टेशन शिवपुर आए थे, जहां गिरफ्तार होने के बाद घटना के समय पहने हुए कपड़े को एक झाड़ी में फेंकने की बात स्वीकार कर बरामद कराए गए। महिला और पुरुष के कब्जे से घटना कारित किए जाने के बाद सीता के जेवरात व घर से प्राप्त रुपये, दोनों बरामद हुए। टीम को सराहनीय कार्य करने के लिए पुलिस आयुक्त द्वारा 50 हजार का पुरस्कार घोषित किया है।
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