कानपुर। MurderOfGirlfriend यूपी के कानपुर देहात में एक सिरफिरे आशिक ने प्रेमिका की गला रेतकर हत्या के बाद खुदकुशी कर ली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिशुपाल प्रेमिका को अपना बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार था। वह प्रेमिका की मां को धमकी देता था कि तुम्हारी बेटी की डोली नहीं उठने दूंगा। अकारू निवासी सोनेलाल निसंतान थे। करीब डेढ़ साल पहले उनकी तबीयत खराब हो जाने पर भांजा शिशुपाल उनकी देखरेख करने के लिए उनके घर आ गया था। यहां रहने के दौरान उसकी मामा के घर से सटे घर में रहने वाली दूर की रिश्तेदार के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। मंगलवार को प्रेमिका की हत्या कर दी। प्रेमिका की मां ने बताया कि शिशुपाल के बेटी से करीब छह माह पहले संबंध बन गए थे।
परिजनों ने किया विरोध
उनके संबंध में गांव का एक युवक भी सहयोग करता था। जब शिशुपाल आगरा नौकरी पर जाता था, तो बेटी के गतिविधियों की जानकारी वह उसे देता था। कुछ समय पहले परिजन को उनके संबंध की जानकारी हुई थी। इस पर उसने व पति ने बेटी को समझाया था। बेटी ने शिशुपाल से बात करना बंद कर दिया, तो शिशुपाल आगरा से गांव लौट आया था। वह उसको बेटी की डोली न उठने देने की धमकी देता रहता था। सोमवार को भी शिशुपाल ने उसे यही धमकी दी थी उसे नहीं मालूम था कि शिशुपाल उसकी बेटी की हत्या कर देगा। वहीं पुलिस की छानबीन में सामने आया कि दोनों के संबंधों को लेकर मंगलवार को उनके परिजन के बीच बातचीत हुई थी। इसमें दोनों एक-दूसरे से अलग रहने के लिए राजी हो गए थे।
गांव आना भी न के बराबर कर दिया था
इलाज में मामा की खेती भी बिक गई थी। इसके बाद से मामी सोमवती बकरीपालन व कुछ जमीन पर फसल उगाकर भरण-पोषण करती हैं। अकारू आने के बाद से शिशुपाल ने उससे बात करनी बंद कर दी थी और गांव आना भी न के बराबर कर दिया था। घटना के दौरान मामी खेतों पर बकरी चराने के लिए गई थीं। भाई घर पर अकेला था, पड़ोसियों ने जब उसका शव फंदे पर देखा तो छोटे मामा शिवरतन ने उन्हें भाई के आत्महत्या की जानकारी दी। शिशुपाल व प्रेमिका के संबंध से उनके परिजन खुश नहीं थे और दोनों के बीच में बने संबंध को खत्म करवाना चाहते थे। मगर मंगलवार को प्रेमिका की हत्या के बाद शिशुपाल के आत्महत्या कर लेने पर परिजन एक ही लोडर में दोनों शव रखकर पोस्टमार्टम के लिए अकबरपुर ले गए। यहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिशुपाल की मौत फंदा लगाने की दम घुटने की वजह से होना पाई गई, जबकि प्रेमिका की मौत अधिक रक्तश्राव से होना पाया गया।
बेटी का शव बेड पर चादर से ढका मिला
वह अपनी बड़ी बेटी को घर पर छोड़कर प्रधान के यहां सास का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए गई थी। बेटा और छोटी बेटी मोहल्ले में खेल रहे थे। सुबह नौ बजे के करीब घर लौटने पर बेटी का शव बेड पर चादर से ढका मिला। मां ने बताया कि पड़ोसी के भांजे शिशुपाल (26) के करीब पांच महीने पहले बेटी से संबंध हो गए थे। उसने बेटी को मोबाइल दिया था। करीब एक सप्ताह पहले परिजन को उनके संबंध के बारे में पता चला। परिजन के समझाने पर बेटी ने शिशुपाल से बातचीत बंद कर दी। इस पर शिशुपाल अकारू आ गया और बेटी से संपर्क करने का प्रयास कर रहा था। सोमवार को उसने घर में घुसकर बेटी का मोबाइल तोड़ दिया। फिर मंगलवार सुबह बेटी के घर पर अकेली होने पर उसने हत्या कर दी। फिर उसने अपनी मामी सोमवती के घर में टिनशेड में फंदे से लटक कर जान दे दी।
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