वाराणसी। पुलिस ने रोहनिया में छापा मारकर एक Fake call center का भंडाफोड़ किया, यहां से 32 लोगों को पकड़ा जो साइबर ठगी के माध्यम से लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने का काम करते थे। पकड़े गए लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से 35 से अधिक डेस्कटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रानिक्स उपकरण मिले है। यह लोग लोगों को निवेश, लोन, पार्सल और विभिन्न स्कीम के जरिए ठगी करते थे। शहर के रहने वाले दो मैनेजरों के इशारे पर यह काम हो रहा था। रोहनिया पुलिस की टीम दोनों मैनेजर की गिरफ्तारी को दबिश दे रही है।
एडीसीपी वरुणा नीतू कात्यायन ने बताया कि कॉल सेंटर के जरिए लोगों के साथ साइबर फ्रॉड किया जा रहा था। शहर के रहने वाले दो मैनेजर इसे संचालित करा रहे थे। नार्थ ईस्ट, कोलकाता समेत शहर के नवयुवकों से यह काम कराया जा रहा था। हिरासत में लिए गए सभी कॉलिंग स्टाफ हैं, दोनों मैनेजर इन्हें हर दिन टास्क देते थे। विवरण और डेटा उपलब्ध कराते थे कि किसे कब कॉल करना है।
लोन, निवेश के नाम पर या फिर कभी पार्सल के नाम पर कि आप का पार्सल मिला है। पार्सल में आपत्तिजनक वस्तुएं मिली हैं। इतना पैसा दे दीजिए। इस तरह रकम लूटते थे। इसके बाद रकम को वह हवाला के जरिए बाहर भेजते थे। कुछ और लोगों की संलिप्ता मिली है। सभी की तस्दीक कराई जा रही है। कुछ युवतियां भी हैं, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हिरासत में लिए गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
डीसीपी वरूणा प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों मैनेजरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की टीमें दबिश दे रही है। कॉल सेंटर की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई है। सीसी टीवी कैमरे के फुटेज आदि को कब्जे में लिया गया। इस कॉल सेंटर के नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा रहा है।
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