कानपुर:Child Theft पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद भी अपराधियों के हौंसले काफी बुलंद है, हत्या और दुष्कर्म के बाद भी अपहरण की वारदात से पीछे नहीं हट रहे है। ताजा मामला यूपी के कानपुर जिले से सामने आया, यहां एक महिला तीन साल की बच्ची को बोरे में भरकर ले जा रही थी। बच्ची के रोने पर लोगों को शक हुआ तो महिला को रोककर पूछताछ की तो पूरा भेज खुल गया। लोगों की सतर्कता से बच्ची की जान बची और आरोपी महिला को पुलिस को सौंप दिया।। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। उसके और साथी होने की आशंका जताई जा रही है।
मूलरूप से घाटमपुर के उरिया गांव के मनीष यादव गंगागंज कच्ची बस्ती में परिवार के साथ रहते हैं। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करते है। पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह के मताबिक शनिवार की रात लगभग आठ बजे मनीष की तीन वर्षीय बेटी सेजल घर के बाहर खेल रही थी। इस बीच एक महिला आई और उसने टॉफी दिलाने का लालच देकर अपने साथ लेकर चली गई। कुछ दूरी पर जाते ही महिला ने बच्ची को बोरे में भर लिया और तेजी से उसे ले जाने लगी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को शक हुआ। उन्होंने महिला से रुकने को कहा, लेकिन वह भागने लगी।मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को पकड़ लिया। बोरे को खोल कर देखा तो सभी दंग रह गए। अंदर बच्ची मिली। वह हल्की सी बेसुध हो गई थी। राहगीरों ने उसको पानी पिलाया और घर की जानकारी की।
महिला को पीटकर पुलिस को सौंपा
बच्चा चोर के पकड़े जाने के बाद लोगों की भीड़ लग गई, कुछ लोगों ने महिला पर हाथ भी साफ कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस बच्चा चोर को पकड़कर थाने ले आई और बच्ची को उसकी मां पूजा के हवाले कर दिया। महिला की पहचान गोंडा के आर्यनगर निवासी कुनका बताई जा रही है। उसने पति का नाम सफी अहमद बताया है। मौजूदा समय में सचेंडी के कला का पुरवा में रह रही है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
