SIR यूपी में कुल 2.89 करोड़ मतदाता हुए सूची से बाहर, सबसे अधिक लखनऊ में नाम कटे

A total of 2.89 crore voters have been struck off the list in UP, with Lucknow recording the highest number of deletions.

मुस्लिम बहुल जिलों में या तो औसत से कम वोट कटे हैं या फिर उतने ही, जितने अन्य जिलों में कटे हैं।

लखनऊ। SIR के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामों के कटने के आंकड़े सामने आए। चुनाव आयोग के अनुसार कुल प्रदेश में कुल 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे हैं। बात अगर क्षेत्र वाई की जाए तो राजधानी में सबसे अधिक मतदाताओं के वोट कटे है। कई मुस्लिम बहुल जिलों में औसत से कम वोट कटे हैं। अमरोहा में यह 13.22 प्रतिशत ही है। जबकि, अमरोहा में मुस्लिम आबादी 40 फीसदी से ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि मुस्लिम बहुल जिलों में या तो औसत से कम वोट कटे हैं या फिर उतने ही, जितने अन्य जिलों में कटे हैं।

27 अक्तूबर 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची में कुल 15.44 करोड़ वोट थे। 6 जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची में करीब 2.89 करोड़ मतदाता कम हो गए। आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में 19.26 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। प्रदेश के दस जिले ऐसे हैं जहां मुस्लिम आबादी 33-50 प्रतिशत तक है। इन जिलों में रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, बलरामपुर, बरेली, मेरठ और बहराइच शामिल हैं। यहां की सीटों पर मुस्लिम वोटर चुनावी समीकरण प्रभावित करने वाले माने जाते हैं। इनमें रामपुर में सबसे ज्यादा 50.57 प्रतिशत मुस्लिम हैं।

लखनऊ में कटे सबसे ज्यादा नाम

आंकड़ों पर नजर डाले तो रामपुर में 18.29 प्रतिशत, मुरादाबाद में 15.76 प्रतिशत, बिजनौर में 15.53 प्रतिशत, सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत और अमरोहा में 13.22 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। रामपुर समेत इन छह जिलों में वोट कटने का यह प्रतिशत प्रदेश के औसत (18.70 प्रतिशत) से कम है। अलबत्ता, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, बरेली में 20.99 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत और बहराइच में 20.44 प्रतिशत वोट कटे हैं। लखनऊ में सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत नाम कटे हैं। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, प्रयागराज 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध्रनगर 23.98 प्रतिशत, आगरा में 23.25 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत और शाहजहांपुर में 21.76 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं।

 बूथ पर बताया गया किसका नाम कटा

यूपी में सभी मतदान केंद्रों पर रविवार को मसौदा सूची पढ़कर सुनाई गई। इसके साथ ही मतदाताओं के दावे और आपत्तियां भी ली गईं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने गाजियाबाद में बूथों पर जाकर कामकाज का जायजा लिया। इस अवसर पर रिणवा ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिकतम शुद्ध बनाना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।नवदीप रिणवा ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत रविवार को प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में रहकर मामलों की सुनवाई की।

नाम जुड़वाने यह फार्म भरे

फॉर्म 6 : नए मतदाताओं के लिए आवेदन।
फॉर्म 6 क : विदेश में निवास करने वाले मतदाताओं के लिए, बशर्ते उन्होंने वहां की नागरिकता न ली हो।
फॉर्म 7 : वर्तमान मतदाता सूची में प्रस्तावित नाम हटाने या जोड़ने के विरुद्ध आपत्ति के लिए आवेदन।
फॉर्म 8 : निवास स्थान परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, एपिक प्रतिस्थापन, दिव्यांग चिह्नांकन के लिए आवेदन।

 

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