प्रयागराज। यूपी के प्रयागराज से एक दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई। यहां के नामी सील अस्पताल में गलत इलाज से महिला की मौत हो गई। इससे उसकी तीन बेटियों के सिर से मां का साया उठा गया। महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। प्रिया तिवारी (32) का मायका खीरी थाना क्षेत्र के डीहार गांव में है। प्रिया का विवाह कोरांव थाना क्षेत्र के भगेसर निवासी धर्मेंद्र तिवारी से हुआ था। 26 अगस्त को बुखार होने पर परिजनों ने उसे मां शारदा हॉस्पिटल नारीबारी में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद 2 सितंबर को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि घर पहुंचते ही प्रिया तिवारी की हालत बिगड़ने लगी। पुनः अस्पताल आने पर अस्पताल द्वारा कोई इलाज नहीं किया गया और प्रयागराज अस्पताल के लिए एंबुलेंस से रेफर कर दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया गया कि महिला की मृत्यु हो चुकी है।
बेटियों के सिर से उठा मां का साया
मृतका प्रिया तिवारी की तीन बेटियां क्रमशः भैरवी तिवारी (7) ध्यानवी तिवारी (5) और ज्ञानवी तिवारी (6) माह की है। महिला की मौत के बाद उसके पति धर्मेंद्र सहित पिता भाई बहन आदि का रो-रो कर बुरा हाल है। मरीज के परिजन शव को अस्पताल के सामने रख कर विरोध जताने लगे। सूचना पाकर एसीपी बारा कुंजलता, थानाध्यक्ष शंकरगढ़ यशपाल सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर परिजनों को समझाने में लगे रहे। अंततः हॉस्पिटल संचालक द्वारा तीनों बच्चियों के भविष्य के लिए मुआवजा देने पर परिजन घर के लिए लौटे।
बुधवार को मृतका का अन्तिम संस्कार ससुराल भगेसर में किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि विगत 24 मई को एनीमिया के मरीज का पथरी का ऑपरेशन करने से मौत के बाद सीएमओ के आदेश से डिप्टी सीएमओ द्वारा हॉस्पिटल को सील करते हुए पंजीकरण निरस्त किया गया था। फिर भी सील तीसरे दिन से ही हॉस्पिटल निरन्तर चल रहा है और आए दिन गलत इलाज से मरीजों की मौत हो रही है। ज्यादा बवाल बढ़ने पर लेनदेन कर मामले को रफ़ादफा कर दिया जाता है।
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