Triple Murder: कारखाने पर सो रहे पिता और दो बेटों की रॉड और हथौड़े से पीटकर हत्या, ससुर और दामाद गिरफ्तार

Jaunpur: Father and two sons sleeping at the factory were beaten to death with rod and hammer, father-in-law and son-in-law arrested

रविवार रात तीनों को किसी ने रंजिशन मौत के घाट उतार दिया।

जौनपुर। यूपी के जौनपुर जिले में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां दुकान पर सो रहे पिता और उसके दो बेटों को रंजिशन ससुर और दामाद ने हथौड़ै और रॉड से पीट- पीटकर मार डाला। पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

रंजिशन मौत के घाट उतार दिया

यह हादसा जौनपुर के सिरकोनी के कचंगाव अंडरपास के पास हुई, यहां इमलो क्षेत्र के महमदपुर कांध गांव निवासी लालजी वेल्डिंग व जेसीबी बनाने का काम कई साल से कर रहे थे। पिता के इस काम में उनके दोनों बेटे गुड्डू (33) और यादवीर (25) हाथ बंटाते थे। रविवार रात तीनों को किसी ने रंजिशन मौत के घाट उतार दिया।

खराैरा गांव निवासी देवेंद्र ने बताया कि कुछ साल पहले ही लालजी ने नेवादा अंडरपास के समीप लालजी भईया इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रिकल्स के नाम से कारखाना खोला था। कारखाने में जल निगम की पाइपों पर चूड़ी पेरने का काम होता है। काम खत्म होने के बाद तीनों में से कोई न कोई रात में घर जरूर जाता था। कोई यहां पर सामान की रखवाली के लिए रुक जाता था। रविवार को तीनों में से कोई रात में घर नहीं गया।

देर रात तक जब तीनों में से कोई घर नहीं आया तो परिजन फोन लगाने लगे, लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। इसके बादे देवेंद्र की पत्नी सरिता ने अपने भाई को फोन कर कहा कि भइया जरा देख लेते, आज न पापाजी न आर्यन के पापा (मतलब गुड्डू) घर आएं। देवेंद्र ने देर रात होने का हवाला देते हुए कहा, बहन सुबह होते ही जाकर देख लूंगा। तिहरे हत्याकांड से व्यथित देवेंद्र अफसोस कर रहे थे कि काश वे अपनी बहन की बात सुनकर रात में ही कारखाना चले गए होते तो शायद घटना टल सकती थी। उनके बहनोई गुड्डू जिंदा होते। बहन के परिवार के साथ ऐसी अनहोनी नहीं होती।

कारखाने में फैला पड़ा था खून

Triple Murder  की सूचना पर सोमवार की सुबह पुलिस मौके पर पहुंची। बड़े बेटे गुड्डू (33) व छोटे बेटे यादवीर (25) का शव जमीन पर पड़ा था। कमरे की स्थिति बता रही थी कि हत्यारों की लालजी और दोनों बेटों की हाथापाई हुई होगी। शायद हमलावर तीनों को घायल करने के बाद उन्हें घसीटते हुए उस कमरे में ले गए थे। वहां तीनों की कूंचकर हत्या की थी। करीब 5 मीटर तक बहा खून हत्याकांड की कहानी बता रहे थे।

पहले भी हुआ था जानलेवा हमला

बहू सरिता ने बताया कि पति पर एक वर्ष पहले भी जगदीशपुर गांव निवासी पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष पलटू राम नागर ने जानलेवा हमला कराया था। पति के हाथ-पैर टूट गए थे। किसी तरह उनकी जान बच पाई थी। कहा कि जगदीशपुर स्थित किराये की दुकान को लेकर पलटू राम ने ससुर से बहुत पैसा लिया था। इसी पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है।

परिजनों का बुरा हाल जाएंगे

गुड्डू के दोनों बच्चे 10 वर्षीय आर्यन और आठ वर्षीय अवी अपने पिता की मौत से बेखबर थे। दोनों एक-दूसरे के साथ खेलते नजर आएं। आर्यन कह रहा था कि आज उसके पापा शाम को प्रदर्शनी दिखाने के लिए शहर ले जाएंगे। मासूम की बात सुनकर रिश्तेदार राजदेव फफक पड़े। ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि लालजी का दूसरा बेटा इस समय जेल में है। किसी लड़की के मामले में सजा काट रहा है। वहीं यादवीर कि शादी पक्की होने वाली थी।लालजी के परिवार में उनके तीन बेटे गुड्डू, जिलाजीत व यादवीर कमाने वाले थे। जिलाजीत एक मुकदमे में जेल में बंद है। घर के मुखिया समेत दोनों बेटों की मौत से पूरा परिवार गमगीन है। बहू सरिता व सास प्रभावती का सुहाग उजड़ चुका है। दोनों बदहवास हैं। रिश्तेदारों ने चिंता जताई कि आखिरकार परिवार की रोजी-रोटी कैसे चलेगी।

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