गाजीपुर। यूपी के गाजीपुर जिले से एक महिला 11 साल पहले पति और बच्चे को छोड़कर गांव के ही प्रेमी के साथ भाग गई थी। इस बीच पति ने बच्चे की खातिर दो और शादी की, लेकिन उसका जीवन डग मारकर चलता रहा है। गुरुवार को उसकी पहली पत्नी दिल्ली से दूसरे पति के तीन बच्चों के साथ गांव लौटी थी, वह चरी काटने जेठानी के साथ खेत गई थी। इस दौरान उसकी मुलाकात खेत में काम कर रहे पहले पति से हो गई। देखते ही देखते दोनों झगड़ने लगे आक्रोशित पति ने फावड़ा लेकर उसे मारने दौड़ा और फावड़े से उसका सिर कूचकर हत्या कर दी।उसे बचाने उसकी जेठानी आई तो आरोपी ने उस पर भी कई वार किए जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई।इस वारदात को अंजाम देकर आरोपी गांव से फरार है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया, साथ ही घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
आरोपी ने की दो और शादियां
गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र के मरदानपुर गांव में निवासी जय प्रकाश राम की शादी 2009 में वंदना (28) से हुई थी। वंदना अपने घर से करीब 150 मीटर दूर रहने वाले शैलेंद्र राम से प्यार करने लगी। 2014 में वह पति और एक बेटे को छोड़कर शैलेंद्र के साथ भाग गई। दोनों शादी करने के बाद दिल्ली में रहने लगे। जय प्रकाश राम ने भी उसे छोड़ दिया और दूसरी शादी कर ली। लेकिन, वह अपने साथ अपने बेटे को रखता था। दूसरी पत्नी भी कुछ समय बाद किसी के साथ चली गई। इसके बाद उसने तीसरी शादी की। लेकिन तीन माह पहले तीसरी पत्नी की माैत हो गई। एक माह पहले पहली पत्नी वंदना मरदानपुर स्थित अपने घर आई थी।
हत्याकर आरोपी फरार
बुधवार की शाम वंदना पशुओं के लिए हरा चारा (चरी) काटने जेठानी कौशल्या (45) के साथ खेत गई थी। आरोप है कि इसी समय जयप्रकाश राम भी पहुंचा और किसी बात को लेकर बहस करने लगा और इसी दौरान फावड़े से वंदना पर वार करना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए वह बगल के धान के खेत की तरफ भागी। जहां आरोपी ने उसके सिर को फावड़े से कूचकर हत्या कर दी। बचाने आई जेठानी कौशल्या पर भी वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात के बाद आरोपी भाग गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे सीओ भुड़कुड़ा सुधाकर पांडेय ने उसे मेडिकल काॅलेज अस्पताल भेजा। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
चार बच्चों का भविष्य अंधकारमय
Murder of wife वंदना के पति से एक और दूसरे पति से तीन बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया। ग्रामीणों ने बताया जय प्रकाश-वंदना से एक बेटा हुआ था, जो पिता के ही साथ रहता था। जबकि शैलेंद्र के साथ शादी के बाद वंदना की तीन और संतानें हुई थीं। इनमें शिवानी (7), आर्यन (6) और कल्लू (1) शामिल हैं। वह अपने बच्चों को लेकर इस समय घर आई थी, और पहले पति के हाथों मारी गई।
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