बहराइच। Suicide along with family यूपी के बहराइच जिले में एक ही दिन एक गांव के छह लोगों की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। पुलिस प्रशासन के साथ ही ग्रामीण भी उलझन में है। इतनी मामूली सी बात पर कैसे कोई दो लोगों की हत्या करने के बाद अपनी और अपने परिवार की जान ले सकता है। वहीं उसकी सनक की वजह से उसके पालतू जानवरों की भी जलकर मौत हो गई। वहीं ग्रामीणों ने नरबलि की आशंका जताई। दरअसल दोनों किशोरों के शव के पास सिंदूर और खून से सना अक्षत पड़ा था।
बहराइच के निंदुरपुरवा टेपरहा गांव निवासी विजय कुमार मौर्य बुधवार को दो किशोरों को खेत में लहसुन की बुवाई के लिए बुलाया था, लेकिन उन दोनों ने नवरात्र का आखिरी दिन होने की वजह से काम करने से इंकार कर दिया, इससे नाराज होकर आरोपी ने कुल्हाड़ी से उन दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद पूरे परिवार के साथ कमरे में आग लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे वह उसकी पत्नी और दो बेटियों की तड़प— तड़प कर मौत हो गई। इस घटना की जांच में जुटी पुलिस और फोरेंसिक टीम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रहे है। न तो हत्या का उद्देश्य स्पष्ट हो रहा है और न ही पूरे परिवार के साथ आरोपी के आत्महत्या की कहानी ही समझ आ रही है।
नरबलि की आशंका
किशोर सूरज और सनी के शव के पास ही सिंदूर और खून से सना अक्षत मिला है, जिससे ग्रामीण नवरात्र के अंतिम दिन नरबलि की आशंका जता रहे हैं। पुलिस इससे इन्कार कर रही है। आईजी अमित पाठक और पुलिस अधीक्षक आरएन सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा किया। ग्रामीणों से भी पूछताछ की। लेकिन छह मौतों का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
काम से मना करने पर उठाया कदम
ग्रामीणों के अनुसार, सुबह 7 बजे शुरू होता है। सनी और सूरज विजय के घर पहुंचे किशन यादव ने बताया कि सुबह विजय मौर्य ने खेत में काम करने के लिए बुलाया था। किशन के अनुसार, सूरज और सनी ने काम करने से मना किया। इस कारण उनकी विजय से कहासुनी हुई। करीब 8 बजे विजय ने किशन को लकड़ी काटने घर से बाहर भेज दिया। लौटने पर किशन ने देखा कि घर के बाहर भीड़ जमा है। सूरज व सनी के लहूलुहान शव आंगन में पड़े हैं।
पुलिस अधीक्षक आरएन सिंह ने बताया कि विजय मौर्य ने खुद के साथ पूरे परिवार को कमरे के अंदर बंद कर आग लगाई थी। आग लगने के बाद लपटों से बचने के लिए परिजन घर के अंदर बने टांड़ पर चढ़ गए थे। ऊपर से सभी की लाशों को उतारा गया। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि विजय का स्वभाव बेहद उग्र था। वह आए दिन ऊटपटांग काम करता था। सूरज परिवार का इकलौता पुत्र था। बेटे की हत्या की सूचना पाकर दादा गुरुवचन मौके पर पहुंचे और शव के पास गुमसुम बैठ गए। उनकी आंखों से आंसू तक नहीं निकल रहे थे। पिता लक्षीराम और मां का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
22 साल पहले आया था आरोपी
विजय कुमार मौर्य ने 22 वर्ष पूर्व यहां आकर करीब पांच एकड़ जमीन खरीद कर खेती शुरू की। गांव के अन्य लोगों की जमीन भी बटाई पर ली थी। उसके दोनों भाई भी यहीं अलग मकान बनाकर रहते हैं। बुधवार सुबह खेत में लहसुन की बोआई के लिए विजय ने गांव निवासी सूरज यादव (14), सनी वर्मा (13) और किशन यादव (15) को घर बुलाया। सूरज और सनी ने महानवमी होने के कारण काम करने से इनकार कर दिया। नोकझोंक के बीच विजय ने किशन को लकड़ी काटने के लिए घर से बाहर भेज दिया। सूरज और सनी से गुस्साए विजय ने घर के आंगन में धारदार से वार कर दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद मवेशियों व खुद को पूरे परिवार के साथ कमरे में बंद कर रसोई गैस सिलिंडर की मदद से आग लगा ली।
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