मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पावन भूमि वृंदावन पहुंचे। एक दिन पहले से श्रद्धालुओं की भीड़ मथुरा पहुंचने लगी थी। सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंतजाम किए हैं। हर तरफ से कन्हैया के जयकारे सुनाई दे रहे है। हर कोई श्रीकृष्ण की झलक पाने के लिए बेताब नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा श्रद्धालुओं को ब्रज संस्कृति और भारतीय लोक कलाओं से रूबरू कराने के लिए पूरे मथुरा शहर में 27 सुसज्जित मंच तैयार किए गए हैं। इन मंचों पर दिन-रात चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरी नगरी को उत्सव के रंग में रंग दिया है। कलाकार अपनी-अपनी क्षेत्रीय पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, मंजीरे, खड़ताल और पारंपरिक लोक वाद्यों की थाप पर शानदार नृत्यों की प्रस्तुति दे रहे हैं।
मंगला आरती में शामिल होंगे 600 श्रद्धालु
वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में साल में केवल एक बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन के लिए इस बार भी देशभर से श्रद्धालु वृंदावन पहुंच रहे हैं। कान्हा के जन्म के बाद रात 1:45 बजे ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की आरती होगी। आरती में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं हाईपावर्ड कमेटी ने मंदिर के अंदर पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या निश्चित की है। हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि इस बार भी मंगला आरती में 600 लोगों को मंदिर में प्रवेश मिलेगा। सेवायतों से बात करने के बाद पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को संख्या मंदिर के अंदर सीमित की है। पुलिसकर्मियों को भी मंदिर के अंदर जाने के लिए पास जारी किए गए है। जिन पर पास नहीं होंगे उनको आरती के समय प्रवेश नहीं मिलेगा।
सख्त सुरक्षा व्यवस्था
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कान्हा की नगरी मथुरा कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आ रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। चारों ओर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं के चेहरे पर कान्हा के दर्शन की उत्सुकता और मन में भक्ति का भाव दिखाई दे रहा है। जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच अलग-अलग तरह की भक्ति और परंपराओं के नजारे देखने को मिल रहे हैं। हरियाणा के होडल से श्रद्धालुओं का एक समूह भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचा। समूह के सदस्यों ने बताया कि वे हर वर्ष जन्माष्टमी पर मथुरा आते हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करना उनके लिए विशेष आस्था का विषय है। श्रद्धालुओं ने बताया कि जन्मभूमि में कान्हा के दर्शन करने के बाद वे दही-हांडी की मटकी अपने साथ होडल लेकर जाते हैं। वहां मंदिर में विशेष आयोजन कर इसी मटकी को फोड़ा जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मथुरा की पावन धरती से दही-हांडी की मटकी ले जाकर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी इस परंपरा को निभाना उनके लिए आस्था और आनंद का विषय है।
डीएम ने किया निरीक्षण
जन्माष्टमी पर बांकेबिहारी मंदिर में सुरक्षा के चाक-चाैबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की भी तैनाती की गई है। जिससे श्रद्धालुओं को ठाकुरजी के दर्शन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। अधिकारियों ने भी शुक्रवार को बांकेबिहारी मंदिर में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर श्रद्धालुओं और परिक्रमार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। शुक्रवार को डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने वृंदावन में पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम और एसएसपी ने श्री बांकेबिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर तथा आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात, सफाई, पेयजल, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और जूता घर सहित श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति देखी। अधिकारियों ने श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों के साथ मंदिर को जोड़ने वाली प्रमुख गलियों का भी निरीक्षण किया।
