फर्रुखाबाद।MurderOfMother : यूपी के फर्रुखाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, यहां मानसिक रूप से पीड़ित एक युवक ने सिलबटटे से मां का सिर कूचकर मार डाला। जब बहन बचाने आई तो उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसे पकड़कर बांध और पुलिस को सूचना दी। युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खुड़ना वैध निवासी मुन्नी देवी (55) के पति रामदुलारे राठौर की दो साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उनके साथ इस समय बेटा शिवम, पंकज राठौर (30) व बेटी सुषमा (20) है।शिवम पत्नी के साथ पानीपत में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। पंकज गांव मंझना स्थित बाजार में जनरल स्टोर की दुकान चलता है। करीब पांच वर्ष पूर्व वह मानसिक रूप से बीमार हो गया था। शहर के डॉक्टर से इलाज होने पर वह ठीक हो गया था। 15 दिन से उसकी मानसिक स्थिति फिर बिगड़ गई।उसका फिर से उन्हीं डॉक्टर से इलाज शुरू हुआ था।
पहले चचेरे भाई पर हमला
ग्रामीणों के उसने मंगलवार शाम को अपने चचेरे भाई ईश्वर दयाल की पत्नी उमाकांती पर हमला कर दिया था। वह किसी तरह बच सकी थीं। बुधवार सुबह बहन सुषमा घर से कुछ दूरी पर अहाते में जानवरों को चारा डालने गई थी। तब घर में पंकज चारपाई पर शांत बैठा था और मां मुन्नी देवी बर्तन धो रही थीं। इसके बाद घर का दरवाजा बंद कर पंकज ने मुन्नी देवी पर ईंट से हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी बचाने पहुंचे, पर उसने दरवाजा नहीं खोला। सुषमा के पहुंचने पर उसने कहा कि वह काली देवी का पुजारी है। वह मां का इलाज कर रहा है। उसने दरवाजा खोलकर बहन सुषमा को भी अंदर कर लिया और फिर दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद पंकज ने ईंट व सिल-बट्टे से मां के सिर पर कई वार किए। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। इसके बाद वह सुषमा पर हमलावर हो गया। वह भी घायल हो गई। गर्दन दबाने से बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने बेलचे से दरवाजे की कुंडी तोड़कर उसे बचा लिया। वह ग्रामीणों पर भी ईंट-पत्थर से हमला करने लगा।
एंबुलेंस बुलाकर सीएचसी भेज दिया
किसी तरह लोगों ने उसे पकड़कर रस्सी से बांधकर गली में डाल दिया। पुलिस ने छानबीन की और डॉक्टर की टीम के साथ एंबुलेंस बुलाकर पंकज को सीएचसी भेज दिया। वहां उसे भर्ती कर लिया गया है। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने एकत्र किए। शमसाबाद सीएचसी अधीक्षक अलीम अंसारी ने बताया कि पंकज के सिर में चोट लगी है।जब से वह भर्ती हुआ है, उसने ऐसी कोई हरकत नहीं की, जिससे यह लगे कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पांच वर्ष पूर्व पंकज के मानसिक रूप से बीमार होने की भी जानकारी मिली है। दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। सिर में गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है। तथ्यों और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुकान पर भी किया था विवाद
मां व बहन पर हमला करने की जानकारी पर पूरा गांव पंकज के दरवाजे पर एकत्र हो गया। सभी उससे दरवाजा खोलने की बात कह रहे थे। पर वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था। कह रह था कि वह काली देवी का पुजारी है, उस पर काली देवी आ गई हैं। लोगों ने बताया कि चार-पांच दिन पूर्व पंकज का दुकान पर भी किसी ग्राहक से विवाद हो गया था। तब लोगों ने किसी तरह उसे शांत किया था।
सीजोफ्रीनिया से पीड़ित हो सकता है हत्यारोपी
बहन सुषमा का कहना है कि पंकज का इलाज शहर के नेकपुर स्थित न्यूरो मेडिसिन व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मंजीत गंगवार से चल रहा था। इस संदर्भ में डॉ. मंजीत गंगवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इलाज से संबंधित पर्चा देखने के बाद ही कुछ कह सकेंगे कि पंकज को क्या बीमारी थी।लेकिन जिस तरह से पंकज ने हरकत की है, उसके संदर्भ में पूछने पर डॉ. मंजीत गंगवार ने बताया कि यह लक्षण सीजोफ्रीनिया के हैं। मरीज अपने आसपास के लोगों को दुश्मन मानने लगता है। इससे वह हमलावर हो जाता है। इस तरह के मरीजों को तरह-तरह की आवाजें सुनाई देती हैं। उन्हें भ्रम की भी स्थिति पैदा होती है। इलाज से इस तरह के मरीज ठीक हो जाते हैं।
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