Child Murder : लखनऊ के वैदिक स्कूल में 11 वर्षीय छात्र की हत्या, शरीर पर पीटने और दागने के निशान

11-Year-Old Student Murdered at Vedic School in Lucknow; Marks of Beating and Branding Found on Body

गुरुकुल संचालक कन्हैया मिश्रा कार से बेटे का शव लेकर आए और घर से थोड़ी दूरी पर छोड़कर भाग निकले।

कानपुर। स्कूल बच्चों के पढ़ने और सीखने के लिए होता है, यदि यहीं पर उनके साथ हैवानियत की जाए तो परिजन बच्चों को ​किसके भरोसे छोड़ेंगे। बुधवार को प्रदेश की राजनधानी लखनऊ के गुरुकुल में पढ़ने गए 11 वर्षीय छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। स्कूल संचालक उसके शव को घर के बाहर फेंककर भाग गया। बच्चे के पूरे शरीर पर बांधकर पीटने और सिगरेट से दागने के निशान है। पुलिस ने परजिनों की तहरीर पर स्कूल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश कर रही है।

सात दिन पहले कराया था दाखिला

महाराजपुर के गैरिया गांव निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि वह निजी फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। उन्हें एक रिश्तेदार ने लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल की जानकारी दी। बताया कि यहां वैदिक शिक्षा निशुल्क दी जाती है। इस पर 15 अप्रैल को गुरुकुल में दाखिला दिला दिया। घरवालों की बेटे से रोज बात हो रही थी। मंगलवार सुबह भी बेटी ने उससे बात की थी। बुधवार की सुबह अचानक एक रिश्तेदार ने फोन करके बताया कि दिव्यांश सीढि़यों से नीचे गिर गया है। उसको गंभीर चोटें आ गई हैं। सभी लोग लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दाैरान सुबह लगभग साढ़े नौ बजे गुरुकुल संचालक कन्हैया मिश्रा कार से बेटे का शव लेकर आए और घर से थोड़ी दूरी पर छोड़कर भाग निकले। उन्होंने बेटे को देखा तो उनके होश उड़ गए। उसके शरीर पर जगह-जगह चोटों के निशान थे। घरवाले और ग्रामीणों ने भी घटना को लेकर नाराजगी जताई। पुलिस को सूचना दी गई।

आरोपियों की चल रही है तलाश

एसीपी अभिषेक पांडेय और महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश सिंह ने जांच की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य लिए। दिव्यांश के घरवालों ने उसके साथ गलत होने की आशंका भी जताई है। थाना प्रभारी ने बताया कि पिता की तहरीर पर स्कूल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा और अज्ञात कार चालक के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की तलाश चल रही है। 11 वर्षीय दिव्यांश की हत्या के बाद गैरिया गांव में भले ही सन्नाटा है लेकिन लोगों में आक्रोश है। वह पुलिस और अन्य अधिकारियों से हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

वैदिक मंत्रों का जानकार था दिव्यांश

परिजन और गांव के लोगों का कहना है कि दिव्यांश पढ़ाई में होनहार होने के साथ वैदिक मंत्रों का जानकार था। उसे कई श्लोक, चौपाई, मंत्रोच्चार कंठस्थ थे। बड़ी बहन दीपिका भी सदमे में है। वह रोते हुए बस यही कह रही थी कि भाई को हंसता, मुस्कुराता और खुशी की हालत में छोड़कर आई थी। ऐसा क्या हो गया जिससे उसका भाई हमेशा के लिए साथ छोड़कर चला गया। बेटे का शव देखकर नरेंद्र द्विवेदी फूट फूटकर रोए। उन्होंने कहा कि जिंदगी में जो सपने देखे थे सब बिखर गए। एक ही बेटा था। वह बुढ़ापे की लाठी थी, जो किसी ने तोड़ दी। अच्छी और निशुल्क शिक्षा के लिए बेटे को अपनों से दूर रखा, क्या पता था कि वह इतना दूर हो जाएगा कि कभी भी हम लोगों से मिल नहीं पाएगा। विधाता को कुछ और ही मंजूर था घर का इकलौता चिराग छीन लिया।दिव्यांश के चाचा जितेंद्र द्विवेदी का कहना है कि उसके हाथ पैर बांधकर यातनाएं दी गई हैं। उसके शरीर पर जगह जगह चोटों के निशान मिले हैं। हाथ और पैर को रस्सी से बांधने की आशंका है। पुलिस ने भी इसकी जांच की है।बच्चे को अगर कोई दिक्कत थी तो वह बड़ी बहन को जरूर बताता। उसकी रात में ही अपनी बहन से बातचीत हुई थी।

मिर्जापुर में ट्रक समेत चार वाहन टकराए, बोलेरो में लगी आग, हादसे में 11 लोगों की मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

‘राम’ बनकर छाए रणबीर कपूर Play Holi with herbal colours Shreya Sharma’s new avatar in ‘Mr. and Mrs. Grey’ भारत की चैंपियन बेटियां Main Shakti Peethas of Mother