जमीन के विवाद में 85 साल की दादी पर पहले कुल्हाड़ी से किया वार, फिर रस्सी से गला कसकर दी मौत

In a land dispute, an 85-year-old grandmother was first struck with an axe and then strangled to death with a rope.

सूचना पर पहुंची पुलिस व फाॅरेंसिक टीम ने जांच कर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है।

HamirpurNews : यूपी के हमीरपुर​ में जमीन के विवाद में​ रिश्तों की हत्या से किसी का भी मन व्यथित हो जाए। राठ कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव में रविवार को एक युवक ने दादी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बाद में रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस व फाॅरेंसिक टीम ने जांच कर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है।

बहादुर राजपूत ने बताया कि रविवार दोपहर वह घर पर था। इसी दाैरान पारिवारिक भतीजा गजेंद्र वहां आया और गाली—गलौज करने लगा। आरोप है कि उसने जान से मारने की नियत से कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया। उन्होंने भागकर जान बचाई। हालांकि हमले में उन्हें चोट भी लगी। बताया कि उस समय मां शोभारानी (85) घर में उनकी अकेली थीं। आरोप है कि गजेंद्र ने उन पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बाद में चारपाई की रस्सी से उनका गला कस दिया। कुछ देर बाद जब बहादुर घर लौटे तो मां को मृत अवस्था में पाया। उनका शव चारपाई से टिका था और गले में रस्सी कसी थी।

बहादुर ने बताया कि उनके नाम पर पांच बीघा भूमि है। वह मां के साथ रहते थे। पत्नी भाना तीन बच्चों के साथ राठ में रहतीं हैं। बहन देवकुंवर ससुराल औंड़ेरा गांव में रहतीं हैं। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह व कोतवाल अनूप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। कोतवाल अनूप सिंह ने बताया कि बहादुर के शिकायती पत्र पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

सुबह से कर रहा था असमान्य व्यवहार

मां सुमितरानी ने बताया कि रविवार सुबह से बेटा गजेंद्र असमान्य व्यवहार और उल्टी-सीधी बातें कर रहा था। दोपहर में वह खेत जा रही थीं। तभी बेटा कुल्हाड़ी लेकर उनके पीछे दौड़ा। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचा लिया। बताया कि बेटे की कई साल से मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसके हाथ-पैरों में बेड़ियां पड़ी थीं। छह माह पहले उसने बेड़ियां तोड़ ली थीं। ग्रामीणों ने बताया कि गजेंद्र सुबह से ही मानसिक संतुलन खो बैठा था। वह कुल्हाड़ी लिए घूम रहा था और जो सामने दिखता था उसी को दौड़ा लेता था। बताया कि करीब पांच दिन से उसकी यही स्थिति थी। उसकी स्थिति को देखते हुए ग्रामीण सामने जाने से डरते थे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिजन उसे बांधकर रखते तो इस हत्याकांड को टाला जा सकता था। वृद्ध महिला की जगह और कोई भी होता तो उसकी भी हत्या हो सकती थी।

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