मैनपुरी। यूपी के मैनपुरी में नौ दिन पहले हुई वृद्ध की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार वृद्ध की हत्या किसी बाहरी ने बल्कि उसके बहू-बेटे ने कराई थी। पुलिस ने हत्यारों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में मैनपुरी के भोगांव के नगला मधू निवासी krpaal sinh hatyaakaand का खुलासा करते हुए बताया, एक अगस्त की रात कृपाल सिंह की सीने में गोली मारकर हत्या की गई थी। इसका केस मृतक की बहू शैलेंद्री ने दर्ज कराया था। इसमें गांव के रहने वाले शीलू सिंह, अभिषेक, रमेश व अज्ञात को नामजद किया गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि जिन लोगों को हत्या का आरोपी बनाया गया है, उन लोगों की मृतक कृपाल सिंह के पुत्र सहदेव व अन्य परिवार के लोगों से रंजिश चली आ रही है, उनके बीच मुकदमेबाजी चल रही है।
गहनता से जांच करने पर पता चला कि हत्या मुकदमे में नामजद किए लोगों ने नहीं बल्कि कृपाल सिंह के बेटे सहदेव ने पत्नी शैलेंद्री व गांव में रहने वाले दो भाई अनिल कुमार और सतीश कुमार के साथ मिलकर की थी। एसपी सिटी ने बताया कि साक्ष्य एकत्र करने के बाद शुक्रवार को सतीश, अनिल, सहदेव और शैलेंद्री को जीटी रोड नगला मधू के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उक्त लोगों ने कृपाल सिंह की हत्या किए जाने का अपराध कबूल किया। सतीश की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त तमंचा व खोखा कारतूस बरामद कर लिया गया।
विरोधियों को फंसाने रचाी साजिश
कृपाल सिंह के हत्यारोपी बेटे सहदेव और उसकी पत्नी शैलेंद्री व अनिल और सतीश ने बताया कि गांव के रमेश, शीलू, अभिषेक और अंजट सिंह से उनका झगड़ा था। इन लोगों ने उन्हें एक लड़की से संबंध होने के मामले में अप्रैल 2025 में पीटा था। मुकदमा भी दर्ज कराया था। सतीश और अनिल ने बताया कि उनके पिता दुर्बीन सिंह से भी रमेश और अंजट सिंह से जानलेवा हमला का मुकदमा चल रहा था। इस मामले में वह जेल भी जा चुके हैं। पिता दुर्बीन की मृत्यु हो चुकी है। सहदेव ने बताया कि अनिल और सतीश की रंजिश के बारे में उनको जानकारी थी। इसलिए उनको भी इस प्लान में शामिल किया। दोनों का दुश्मन एक ही था।
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