लखनऊ। Mission 2027 : पश्चिम बंगाल का मिशन पूरा करने के बाद बीजेपी हाईकमान अब देश के सबसे बड़े राज्य यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गया है। इसी कड़ी में योगी कैबिनेट के दूसरे विस्तार की पठकथा लिखी गई, जिसमें छह नए चेहरों को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। रविवार को योगी मंत्रिमंडल में 6 नए मंत्री शामिल होंगे, जिन्हें दोपहर साढ़े 3 बजे लखनऊ में जनभवन में शपथ दिलाई जाएगी। नए चेहरों में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, पूजा पाल, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से शनिवार शाम को मुलाकात करके उन्हें नए मंत्रियों के नामों की सूची सौंपी थी।
योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय मुख्यमंत्री के साथ 2 उपमुख्यमंत्रियों समेत 52 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। नए मंत्रियों में 18 को कैबिनेट मिनिस्टर का दर्जा मिला। 14 को स्वतंत्र राज्य मंत्री बनाया गया था। 20 को राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले 5 मार्च 2024 को योगी कैबिनेट का पहला विस्तार किया गया।
पहले विस्तार में 4 नए मंत्री बनाए गए थे
योगी कैबिनेट के पहले विस्तार में 5 मार्च 2024 को 4 विधायकों को बतौर कैबिनेट मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर, रालोद के अनिल कुमार, भाजपा के सुनील कुमार शर्मा और दारा सिंह चौहान मंत्री बने। इस विस्तार के बाद योगी केबिनेट में 56 सदस्य हो गए। लेकिन जितिन प्रसद और अनूप प्रधान वाल्मीकि ने सांसद बनने के बाद विधायकी से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रियों की संख्या घटकर 56 से 54 रह गई। अब यही 6 खाली पड़े पद भरे जा रहे हैं।
महिलाओं को साधने पर किया फोकस
बता दें कि संविधान के अनुसार योगी कैबिनेट में कुल 60 मंत्री हो सकते हैं। 6 पद खाली थे, जिन्हें रविवार को भरा जाएगा। विधानसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने कैबिनेट में 6 नए चेहरे शामिल करके सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया है। कैबिनेट विस्तार में 33 फीसदी महिला आरक्षण को भी फॉलो किया है। क्योंकि आज जो 6 खाली पद भरे जा रहे हैं, उनमें से 2 पद महिलाओं को दिए जा रहे हैं। वहीं 2 नए चेहरों के जरिए बीजेपी ने विपक्ष के PDA का जवाब देने का प्रयास भी किया है। क्योंकि आज मनोज पांडये और पूजा पाल मंत्री बनेंगे। यह दोनों नेता अखिलेश यादव को छोड़कर बीजेपी में आए थे।
बीजेपी ने एक तीर से कई निशाने साधे
मिशन 2027 के तहत कैबिनेट विस्तार करके बीजेपी एक तीर से कई निशाने साध रही है। जैसे भूपेंद्र चौधरी एमएलसी हैं और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के साथ पंचायती राज विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। कृष्णा पासवान फतेहपुर से तीन बार के विधायक हैं। सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक हैं। अनूप प्रधान वाल्मीकि के सांसद बनने के बाद योगी की टीम में कोई वाल्मीकि चेहरा नहीं था तो इस चेहरे को भी शामिल करना जरूरी था। मनोज पांडेय रायबरेली की ऊंचाहार सीट से MLA हैं और अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। पूजा पाल कौशांबी की चायल सीट से विधायक हैं, जबकि हंसराज विश्वकर्मा प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आते हैं और MLC हैं तो इन विधायकों के अनुभव का फायदा उठाते हुए बीजेपी ने एक तीर से कई क्षेत्रों और उनके वोट बैंक को साधने का काम किया है।
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