गाजियाबाद। DeputyCM केशव प्रसाद मौर्य ने महर्षि कश्यप जयंती पर गाजियाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सपा सरकार में सबसे ज्यादा पिछड़े और दलितों पर ही अत्याचार हुआ। दरअसल सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार पिछड़े और दलितों को अपने पाले में करके 2027 का चुनाव जीतने के प्रयास में है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दंगे होते थे।
अब प्रदेश को दंगा मुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कुछ दुष्प्रचार से प्रभावित होकर सपा और कांग्रेस को ज्यादा वोट मिले तो उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करना शुरू किया। अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अब 2027 में 2017 को दोहराना है और सपा को सैफई पहुंचना है। कार्यक्रम में प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कश्यप और निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की। राजधानी लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैयद सालार मसूद गाजी के लिए शॉफ्ट कार्नर रखने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आज के माफियाराज को उसी का अंदाज बताया। कहा कि आज जो मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आते हैं।
सीएम योगी ने पूर्व सरकार को घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 22 करोड़ की लागत से बने भारतेंदु नाट्य अकादमी के संपूर्ण भवन एवं दो प्रेक्षागृहों का लोकार्पण किया।इस मौके पर उन्होंने कलाविदों, पूर्व छात्रों को सम्मानित किया। इसके साथ ही ‘रंगभेद’ पत्रिका का विमोचन एवं स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कलाकारों ने सीएम के सामने नाटक की प्रस्तुति दी।
दरअसल, गोमती नगर स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी का स्वर्ण जयंती समारोह मनाया जा रहा है। अकादमी के 50 वर्ष पूरे होने पर आठ दिवसीय कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें देशभर से कलाकार पहुंचे हैं। इस मौके पर सीएम ने कहा कि कोरोना से लोगों के बचाव के लिए लॉकडाउन लगा। कामगार जब घरों को लौटे तब सरकार उनके साथ खड़ी। उनको न सिर्फ घर पहुंचाया बल्कि उन्हें निशुल्क राशन भी उपलब्ध कराया। जब सरकार संवेदनशील नहीं होती तब वैसी स्थिति होती है, जैसा हमने ‘आनंद मठ’ नाटक की प्रस्तुति में देखा।
महाराज सुहेलदेव ने सालार मसूद को दी सजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सालार मसूद को मारा गया था। वहां उसके नाम से मेला लगता था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का नाम कोई नहीं लेता था। भारतीय समाज ने उन्हें भुला दिया था। एक हजार साल बाद पीएम मोदी ने उन्हें सम्मान दिलाया। हमारी सरकार ने वहां उनके नाम पर आयोजन शुरू किए। आज सालार मसूद के मेले से ज्यादा भीड़ वहां जुटती है। सीएम ने कहा कि सालार मसूद माफिया से कम नहीं था। अभी जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आते हैं। उसने हमारे मंदिर तोड़े थे। महाराज सुहेल देव ने सालार मसूद को मारकर जनता को दासता से मुक्त कराया था। ऐसे नायकों पर नाटक तैयार करने चाहिए और उनका मंचन स्कूलों और कॉलेजों में होना चाहिए ताकि आज की पीढ़ी उनके बारे में जानें।
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