लखनऊ। राजदत्त पाण्डेय, राष्ट्रीय पैक्स प्रकोष्ठ प्रमुख, सहकार भारती, ने अपने केंद्रीय प्रवास के अंतर्गत महाराष्ट्र के नाशिक विभाग का विस्तृत दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मालेगांव, धुलिया, जलगाव एवं नाशिक जनपदों में संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया।
सहकारिता को जमीनी मजबूती देने पर जोर
प्रवास के दौरान आयोजित बैठकों में श्री पाण्डेय ने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पैक्स केवल ऋण वितरण की संस्था न रहकर बहुउद्देशीय ग्रामीण विकास केंद्र के रूप में विकसित हों।
डिजिटल लेनदेन, पारदर्शिता, समयबद्ध ऑडिट और सदस्य सहभागिता को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारिता आंदोलन तभी सफल होगा जब प्रत्येक सदस्य स्वयं को संगठन का भागीदार समझे। गांव स्तर पर युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सहकारी समितियों का निरीक्षण एवं संवाद
श्री पाण्डेय ने अपने प्रवास के दौरान कई सक्रिय सहकारी समितियों का दौरा किया। पदाधिकारियों से भेंट कर उन्होंने वित्तीय प्रबंधन, ऋण वसूली, उर्वरक वितरण, बीज आपूर्ति एवं अन्य ग्रामीण सेवाओं की समीक्षा की।
समितियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें अन्य क्षेत्रों के लिए मॉडल के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। बैठकों में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन और केंद्र व राज्य सरकार की सहकारिता संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
मालेगांव, धुलिया, जलगाव एवं नाशिक में आयोजित बैठकों में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय प्रमुख का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने सहकार भारती की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहकार भारती की भूमिका को और सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
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