शामली। कई राज्यों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले Bawariya Gang के सरगना एक लाख के इनामी मिथुन को शामली पुलिस ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। उसका साथी राहुल मौके से भाग निकला। इस विषय मे एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया सोमवार रात सूचना मिली थी कि वेदखेड़ी-मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह के सदस्य किसी वारदात की तैयारी में हैं। इस पर झिंझाना पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया, जबकि उसका साथी राहुल मौके से फरार हो गया।
हेड कांस्टेबल घायल
दोनों ओर से हुई जोरदार फायरिंग में एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर गोली लगने से घायल हो गए, जबकि झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगकर निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गए।एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रात में सूचना मिली थी कि वेदखेड़ी-मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह के सदस्य किसी वारदात की तैयारी में हैं। इस पर झिंझाना पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया, जबकि उसका साथी राहुल मौके से फरार हो गया। घायल हेड कांस्टेबल हरविंदर को ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बदमाश के पास से एक कार्बाइन और मेड इन इटली पिस्टल बरामद हुई है।
20 से अधिक मुकदमों में था वांछित
एसपी ने बताया कि मिथुन पर शामली से एक लाख और बागपत पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कांवड़ यात्रा के दौरान उसने बागपत में महिला से लूट को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वह लगातार अपराध कर रहा था। उसके खिलाफ हत्या और लूट समेत 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद मिथुन पंजाब, साउथ दिल्ली, जयपुर तथा अन्य स्थानों पर शरण लेता था। वह शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर सहित कई जिलों में घटनाओं को अंजाम देता था।
तमिलनाडु में भी लूट की वारदातें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मिथुन और उसके गिरोह के सदस्यों ने तमिलनाडु में भी कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। वह वर्ष 2017 में झिंझाना में हुए भारत कुमार हत्याकांड में भी शामिल रहा था। पुलिस के मुताबिक मिथुन पर पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज हुआ था। इसके बाद वह दिल्ली, पंजाब, वेस्ट यूपी, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में लगातार अपराध करता रहा। उसका मकसद कई राज्यों में अपना प्रभाव और खौफ फैलाना था।
बता दें इससे पहले शामली पुलिस हाल में ही दो बड़े इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिरा चुकी है। बीते 18 अक्तूबर को भभीसा गांव के जंगल में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने एक लाख के इनामी नफीस को ढेर किया था। नफीस कांधला के मोहल्ला खेल का निवासी था और कई गंभीर मामलों में वांछित चल रहा था। इसके बाद 24 अक्तूबर को भोगी माजरा के पास पुलिस की संजीव जीवा गैंग से जुड़े शूटर फैसल से भिड़ंत हो गई। मुठभेड़ में फैसल मारा गया।
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