अयोध्या। Dharma Dhwaja पांच सौ साल की प्रतीक्षा के बाद मंगलावार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्म नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वज को फहराया। यह धर्म ध्वज काफी खास है जो सर्दी—गर्मी और बरसात में भी सुरक्षित है। इस धर्म ध्वज को प्रतिष्ठित डिफेंस पीएसयू ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (GIL) की आयुध पैराशूट फैक्ट्री, कानपुर में बनाया गया है। विशेष निर्माण और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से इसे बनाया गया है। डिफेंस पीएसयू ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड की आयुध पैराशूट फैक्ट्री में बनाया गया। धर्मध्वज का आकार 18 फीट लंबा और 9 फीट ऊंचा रखा गया है।
आकार 18 फीट लंबा और 9 फीट ऊंचा
धर्मध्वज का आकार 18 फीट लंबा और 9 फीट ऊंचा रखा गया है। लगभग दो किलोग्राम वजन वाले इस ध्वज पर कोविदार वृक्ष और सूर्य के भीतर ओम का पवित्र प्रतीक अंकित है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, ध्वज निर्माण में उपयोग हुए कपड़े और रंगों का चयन प्रयोगशाला में कठोर परीक्षणों के बाद ही किया गया। मानक के अनुरूप पाए जाने पर पैराशूट-ग्रेड फैब्रिक का उपयोग किया गया, जो इसे हल्का होने के बावजूद अत्यधिक मजबूत बनाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, ध्वज में उपयोग किए गए उच्च गुणवत्ता वाले कपड़े, टेप और धागे इसे तीन से चार वर्षों तक धूप, बारिश और हवा के प्रभाव से अप्रभावित बनाए रखेंगे। कम वजन के कारण इसे मंदिर के ऊंचे शिखर तक ले जाना भी आसान रहा।
पीएमओ ने भी सराहना की
ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मानकीकृत ध्वज का डिजाइन तैयार किया गया। उल्लेखनीय है कि सिर्फ दो सप्ताह में इसकी पूरी प्रक्रिया पूरी कर इसे ट्रस्ट को सौंप दिया गया, जिसके लिए पीएमओ ने भी संस्थान की सराहना की है। रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत GIL देश और विदेश में उच्च गुणवत्ता वाले पैराशूट निर्माण के लिए जाना जाता है। संस्थान के कुशल कर्मचारियों ने पूरी सात्विकता और पवित्रता के साथ इस ध्वज का निर्माण किया। GIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एमसी बालासुब्रमण्यम ने कहा कि राम मंदिर के लिए धर्मध्वज तैयार करना उनके संगठन के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का क्षण रहा।
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