मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद जिले से Honey Trap का मामला सामने आया, यहां एक युवती ने बैंक मैनेजर को प्रेम जाल में फंसाकर पहले कुछ वीडियो और अश्लील फोटो उसके खींच लिए, इसके बाद उसे ब्लैकमेल करने लगे। इस बीच बड़ा हाथ मारने के इरादे से महिला ने अपने साथियों की मदद से बैंक मैनेजर को मिलने के बहाने बुलाकर उसका अपहरण कर लिया,फिर उसी के मोबाइल से उसके भाई को फोन करके दस लाख रुपये की फिरौती मांगी। 83 हजार रुपये ट्रांसफर कराने के बाद उसे नहीं छोड़ा तो परिजनों ने पुसिल को इतला किया, पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों को पकड़ते हुए बैंक मैनेजर को छुड़ा लिया। पति-पत्नी समेत सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पांच महीने पहले हुई थी मुलाकात
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया बरेली के सिरौली थाना क्षेत्र के मोहल्ला सईदान निवासी मो. परवेज मझोला थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड स्थित कार शोरूम में मैनेजर हैं। वे परिवार के साथ नया मुरादाबाद में किराये के मकान में रहते हैं। उससे करीब पांच माह पहले कांशीराम नगर निवासी नेहा से मुलाकात हुई थी। 22 नवंबर की शाम करीब 6 बजे नेहा ने नया मुरादाबाद में हर्बल पार्क के पास मिलने बुलाया था। यहां दोनों कार में बैठकर बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान एक अन्य सफारी गाड़ी आई, जिसमें अमरोहा के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के डहकवाड़ा निवासी विकुल, उसकी पत्नी संगीता और अमरोहा के गजरौला के मोहल्ला सैफी नगर निवासी शोभित त्यागी, मुरादाबाद कोतवाली क्षेत्र के कंजरी सराय निवासी अमन, अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के पतेई खालसा निवासी नितिन, कांठ थाना क्षेत्र के नया गांव निवासी शाकिर थे। इन लोगों ने तमंचे के बल पर मो. परवेज को कब्जे में ले लिया और उसके हाथ-पैर बांधकर सफारी में बैठा लिया। इसके बाद उसे शाकिर के घर ले गए और वहां उसे एक कमरे में बंद कर दिया। फिर उसी के नंबर से उसके चचेरे भाई मो. आजम को फोन करके अपहरण की जानकारी देते हुए 10 लाख की फिरौती मांगी। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
हत्या की थी साजिश
भाई की जान बचाने के लिए आजम ने आरोपियों के बताए खाते में 83 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, फिर भी आरोपियों ने मैनेजर को नहीं छोड़ा। इससे उसके परिवार में हड़कंप मच गया। मो. आलम बरेली से मुरादाबाद पहुंच गए और मझोला थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने रविवार की रात नया गांव में शाकिर के घर दबिश देकर मैनेजर को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान विकुल, शोभित, अमन, नितिन, शाकिर, नेहा और संगीता को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए।
गिरोह में पति-पत्नी और साला शामिल
मैनेजर को अगवा करने वाले गिरोह में विपुल, उसकी पत्नी संगीता और साला शोभित भी शामिल हैं। गिरोह का संचालन विपुल और उसकी पत्नी संगीता कर रही है। जिसमें दो चालक अमन और नितिन हैं। यह लोग पिछले एक साल से एक दूसरे को जानते हैं। पुलिस का दावा है कि यह लोग लंबे समय किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में जुटे थे। जिसे अगवा करने के बाद उसके परिवार से फिरौती मांगी जाए, तब नेहा ने ही संगीता को मो. परवेज के बारे में जानकारी दी थी। पुलिस की गिरफ्त में आए गिरोह ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मो. परवेज को अगवा कर शहर से दूर कांठ क्षेत्र में इसलिए रखा था कि पुलिस उन तक न पहुंच पाए। मो. परवेज के परिवार से 10 लाख रुपये वसूलने के बाद आरोपी उनकी हत्या करने की योजना बना चुके थे। हत्या करने के बाद लाश और उनका मोबाइल नदी में बहाने की साजिश था, लेकिन पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों को दबोच लिया।
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