नईदिल्ली। 34 साल पुराने श्रीनगर एयरफोर्स फायरिंग केस में शनिवार को जम्मू की टाडा कोर्ट में हुए बयान यह साफ हो गया कि 1990 में वायुसेना के चार जवानों की हत्या और 22 के घायल होने के इस मामले में आतंकी Yasin Malik समेत चार आरोपियों की पहचान कोर्ट में गवाहों ने की। पहचाने गए आरोपियों में जावेद मीर, नाना जी और शौकत बख्शी शामिल हैं। शनिवार को चारों आरोपियों की टाडा कोर्ट में पेशी हुई, जबकि यासीन मलिक को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जोड़ा गया। इस दौरान जिरह के लिए बुलाए गए दोनों गवाहों ने बिना किसी हिचकिचाहट के यासीन मलिक की पहचान मुख्य शूटर के तौर पर की।
कोर्ट में बयान देने वाले गवाहों में वायुसेना का एक पूर्व स्टाफर और एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी शामिल था। दोनों ने साफ कहा यासीन मलिक ही वह व्यक्ति था जिसने एयरफोर्स जवानों पर गोलियां चलाई थीं। उन्होंने घटना को विस्तार से बताते हुए कहा कि हत्याकांड की अगुआई खुद यासीन ने की थी।1990 की इस वारदात में वायुसेना के अधिकारी रवि खन्ना सहित चार जवान शहीद हो गए थे, जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिरह के दौरान दोनों चश्मदीद अपने बयान पर दृढ़ रहे।
यह था पूरा मामला
25 जनवरी 1990 की सुबह श्रीनगर के रावलपुरा इलाके में एयरफोर्स के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले की साजिश और अगुवाई यासीन मलिक ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर की थी, ताकि घाटी में दहशत फैलाई जा सके। अब आरोपियों की पहचान पक्की होने के बाद मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को तय की गई है।
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