नई दिल्ली। देश के 17वें Vice President के चुनाव के लिए आज सुबह 10 बजे से मतदान होगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के मतदान के बाद शाम को परिणाम आएगा। हालांकि सत्तापक्ष अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है, वहीं कम संख्या बल के बाद भी विपक्ष चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में अपने प्रत्याशी को उतारकर चुनाव लड़ रहा है। बता दें आंकड़ों की बात करे तो राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का पलड़ा अपने प्रतिद्वंद्वी व विपक्षी गठबंधन इंडिया के साझा उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी की तुलना में भारी माना जा रहा है। बीजू जनता दल (बीजद), शिराेमणि अकाली दल (शिअद) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने चुनाव से दूर रहने का फैसला किया है। इससे राजग की स्थिति और मजबूत हो गई है।
बीजेपी की नजर जीत के बड़े आंकड़े पर
तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद हो रहे इस चुनाव में सत्तारूढ़ राजग की निगाहें जीत का अंतर बड़ा करने पर हैं। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी बनाकर चलने वाले दलों को साधने के साथ विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के कुछ सांसदों का समर्थन हासिल करने की कोशिश है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा का मानना है कि उसे भाजपा-कांग्रेस से समान दूरी बना कर रखने वाले 48 सांसदों वाले खेमे से ज्यादातर मत मिलेंगे। भाजपा की निगाहें तीन निर्दलीय सांसदों के अलावा जेडपीएम, वीओटीटीपी के एक-एक वोट पर भी हैं।
एकजुटता का संदेश देना चाहता है विपक्ष
वहीं विपक्ष बिहार चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देना चाहता है, हालांकि इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार के जीतने की कम उम्मीद है, फिर भी वह चुनाव में पूरे दमखम के साथ उतरी है। दरअसल विपक्ष राजग खेमे में सेंध लगाने की कोशिश में जुटा है। गठबंधन को सहयोगियों से इतर एआईएमआईएम, आजाद समाज पार्टी व चार निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिला है। रणनीतिकारों को उम्मीद है कि संविधान बचाओ के दांव व अंतरात्मा की आवाज पर वोट और तेलुगु प्राइड की अपील से राजग में सेंध लगाई जा सकती है।
चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का पलड़ा भारी है। सत्तापक्ष अपने प्रत्याशी राधाकृष्णन जीत का अंतर बड़ा करने की कोशिश में लगा है। मतदान संसद भवन में सुबह 10 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे तक चलेगा। मतों की गिनती शाम छह बजे शुरू होगी। शिवसेना संसदीय दल के नेता श्रीकांत शिंदे को उपराष्ट्रपति चुनाव में राजग के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।
बीजद ने याद दिलाई समान दूरी बनाने की नीति
बीजद ने राजग और विपक्षी गठबंधन से समान दूरी की नीति याद दिलाते हुए मतदान से दूर रहने की घोषणा की। इसका लाभ राजग उम्मीदवार को ही मिलेगा क्योंकि जीत के लिए जरूरी मतों की संख्या 391 से घट कर 387 रह जाएगी। इसके इतर बीआरएस (4 वोट) ने तेलुगु प्राइड के सियासी जाल में उलझने और जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव में निर्णायक मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी मोल लेने से बचने के लिए चुनाव से दूरी बनाने का संकेत दिया है।
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