कानपुर। यूपी सरकार गुंडे माफिया का नाश करने के साथ ही उनका साथ देने वालों को भी बराबर दंड देती है। ताजा मामला कानपुर के अधिवक्ता Akhilesh Dubey , धीरज उर्फ दीनू उपाध्याय से दोस्ती और अनुशासनहीनता में 45 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का सामने आया। यह कार्रवाई डीसीपी और एसीपी हेडक्वार्टर की जांच के बाद की गई है। इनमें इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेडकांस्टेबल और फॉलोअर शामिल हैं। इन्हीं में से दीनू और अखिलेश दुबे से संबंध रखने के आरोपी 16 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
बता दें अभी 80 के लगभग पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच चल रही है। इनमें कुछ पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे हैं। कमिश्नरी पुलिस की क्राइम ब्रांच, एसआईटी और एलआईयू ने अखिलेश दुबे और दीनू उपाध्याय से दोस्ती रखने, उनका सहयोग करने और जमीन संबंधी मामलों में संलिप्त होने वालों की जांच कराई। यह जांच मुखबिर, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयानों के आधार पर हुई।
लंबे समय से गैर हाजिर रहने पर कार्रवाई
इसमें पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, केडीए, राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ ही कई नेता और पार्टी के पदाधिकारियों के नाम सामने आए। इनमें से कुछ की आय व संपत्तियों का ब्योरा भी देखा गया। अफसरों के मुताबिक कुछ कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति मिली है जिसकी रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी जा रही है। 16 पुलिसकर्मियों पर अखिलेश दुबे और दीनू उपाध्याय के लिए काम करने का नाम आया, जिस पर उनको निलंबित किया गया है। कुछ पर लंबे समय से गैर हाजिर रहने पर कार्रवाई हुई है। इन सभी को नोटिस भेजा जा रहा है।
इसी प्रकार कमिश्नरी पुलिस के कई इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल के खिलाफ अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई की गई है। आरोप है इन लोगों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशाें का पालन नहीं किया है, जबकि कुछ पर रुपये लेकर आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाने का आरोप है। कुछ के खिलाफ वादी को टरकाने व अच्छा बर्ताव न करने की शिकायत मिली थी। इन मामलों की जांच एसीपी हेडक्वार्टर और डीसीपी हेडक्वार्टर के करने के बाद यह कार्रवाई हुई।
