अयोध्या। अयोध्या राज परिवार से जुड़े वरिष्ठ सदस्य और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पहले वरिष्ठ सदस्य राजा Raja Bimalendra
का शनिवार रात 11 बजे निधन हो गया। अयोध्या धाम में अपने राज सदन (राजमहल) में उन्होंने अंतिम सांस ली। नजदीकी लोग और प्रशासनिक अमला देर रात उनको अंतिम प्रणाम करने के लिए पहुंच गया। उनके निधन से अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई।अयोध्या में राजा साहब के रूप में मशहूर बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को कुछ महीने पहले पैर में चोट आ गई थी। इसका ऑपरेशन भी हुआ था। इसके बाद से वह कुछ अस्वस्थ्य चल रहे थे। राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य और बसपा से अयोध्या लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके हैं।
Raja Bimalendra के पुत्र यतींद्र मोहन प्रताप मिश्र प्रख्यात संगीत अध्येता और कवि है। प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर पर उन्होंने लता सुर गाथा नामक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी। इस पर उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।जब राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फाइनल फैसला आया, तब प्रधानमंत्री मोदी की ओर से सबसे पहले वरिष्ठ सदस्य बिमलेंद्र ही चुने गए। तब तक श्रीराम जन्मभूमि परिसर के रिसीवर रहे अयोध्या के कमिश्नर की ओर से पहला चार्ज उन्हें ही सौंपा गया। वह श्री प्रताप धर्म सेतु ट्रस्ट के अध्यक्ष भी थे।लगभग 75 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अनुज और पूर्वांचल के सबसे बड़े महाविद्यालय साकेत कॉलेज के प्रबंध समिति के संरक्षक शैलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने यह जानकारी मीडिया को दी।
सपा से निष्कासित विधायक Pooja Pal को भाजपा स्वाति सिंह की तरह प्रयोग कर विपक्ष को करेगी चित्त
