लखनऊ। राजनीतिक समझ रखने वाले विशेषज्ञों की माने तो सपा से निष्कासित विधायक Pooja Pal का बीजेपी में जाना तय है। भगवा पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देकर विधानसभा चुनाव 2027 में ठीक उसी तरह इस्तेमाल करेगी जैसे 2016 स्वाती सिंह का करके सपा और बसपा दोनों को हराया था। इसके लिए पूरी स्क्रिप्ट दिल्ली से लिखी जा रही है। यूपी चुनाव में बीजेपी को हर हाल में जिताने के लिए अभी से तैयारी की जा रही है।
पाल समाज को साधने की कोशिश
भाजपा उन्हें विधानसभा चुनाव 2027 में उतारकर पिछड़ी और सपा से पीड़ित महिला के तौर पर पेशकर पाल समाज समेत सभी पिछड़ी जातियों को साधने की कोशिश करेगी।बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में अपना दल (एस), सुभासपा, निषाद पार्टी जैसे जातीय दलों के साथ होने के बाद भी विपक्ष भाजपा का कोर वोट बैंक मानी जाने वाली कुर्मी, पाल, मौर्य समेत अन्य पिछड़ी जातियों में सेंध लगाने में सफल रहा था। अब सभी दल पंचायत चुनाव 2026 और विस चुनाव 2027 के मद्देनजर पिछड़े व दलित वोट बैंक को साधने में जुट गए हैं। सपा पीडीए के जरिये भाजपा को चुनौती दे ही रही है।
सरकार में मिलेगी जिम्मेदारी
भाजपा विपक्ष के तरकश से निकले सियासी तीरों की काट के लिए पिछड़े और दलितों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी बीच पूजा पाल के तेवर ने भाजपा को बड़ा मौका दे दिया है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही भाजपा उन्हें पार्टी में शामिल कराने के साथ ही सरकार या संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूजा पाल बीते दो दिनों के भीतर दिल्ली में भाजपा के कई नेताओं से मिल चुकी हैं। जल्द ही उनकी बड़े नेताओं से मुलाकात संभव है। बता दें कि 2016 में मायावती के खिलाफ दयाशंकर सिंह की टिप्पणी के जवाब में नसीमुद्दीन सिद्दकी के बयान पर स्वाति सिंह के तेवर दिखाने पर भाजपा ने उन्हें पहले प्रदेश महिला मोर्चा का अध्यक्ष, फिर विधायक और बाद में मंत्री बनाया था।
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