स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए सहित अन्य मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों का प्रदर्शन

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Demonstration of ASHA workers regarding other demands including grant of employee status to scheme workers
आशा कार्यकत्रियों द्वारा कानपुर में अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकाल कर प्रदर्शन किया गया

कानपुर। केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आवाहन पर स्कीम वर्कर्स की 24 सितंबर की एक दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए एआईयूटीयूसी एवं स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से संबद्ध उत्तर प्रदेश ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकत्री आशा यूनियन द्वारा कार्य का बहिष्कार किया गया एवं कानपुर के शिवराजपुर ब्लॉक एवं चौबेपुर ब्लाकों में, कानपुर देहात के अमरौधा एवं राजपुर ब्लॉकों में आशा कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शन किया गया। रैली निकाली गई एवं अपनी मांगों के समर्थन में जबरदस्त नारेबाजी की गई।

AIUTUC से सम्बद्ध आशा कार्यकत्रियों द्वारा आयोजित प्रदर्शन में बोलते हुए AIUTUC के प्रदेश कार्यालय सचिव वालेन्द्र कटियार

प्रमुख मांगें –

1-स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम मासिक वेतन रु 21000/- दिया जाए, लेबर कोड रद्द किए जाएं,

2-स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए,

3-रसोइया के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा न्यूनतम वेतन भुगतान के दिए गए आदेश को अविलंब लागू किया जाए तथा

4- आशा एवं आंगनवाड़ी के लिए भी इस आदेश को लागू किया जाए। कोरोना का किसकी वर्कर्स द्वारा किए गए कार्य के बकाए का तुरंत भुगतान किया जाए।

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