बेटी ने दूसरी जाति के युवक को चुना हमसफर तो पिता, लाई और ताऊ ने लटका दिया फंदे से ऐसे खुली पोल

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The daughter chose a young man from another caste, her father, Lai and Tau hung such an open pole with a noose
गठान से समझ आ रहा था कि किसी और ने बांधी है। इसके साथ ही जिस जाल पर फंदा कसा गया था, वह भी काफी ऊंचा था, इसलिए प्रारंभिक पड़ताल में मामला संदिग्ध लगा।

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर से ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। यहां एक लड़की दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती थी। यह बात उसके घर वालों को नागवार गुजरी पहले लड़की को समझाया- बुझाया फिर भी नहीं मानी तो घर वालों ने उसे ऐसी दर्दनाक मौत दीं कि जिसके बारे में उसने सपने में कभी भी नहीं सोचा था। लड़की को उसके भाई, पिता और ताऊ ने मिलकर हत्या कर दी।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि पिता ने बेटी के हाथ पकड़े, सगे भाई और ताऊ ने गले में साड़ी का फंदा डाला। इसके बाद उसे लटका दिया। घटना 2 अगस्त जनकपुरी की है। आरोपियों ने क्राइम इंवेस्टीगेशन सीरियल देखकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। ताऊ और उसके दो लड़कों की तलाश जारी है।

यह है पूरा मामला

जनकगंज स्थित जनकपुरी निवासी राखी राठौर (20) पुत्री राजेन्द्र राठौर का शव 1-2 अगस्त की रात घर में ही फंदे से लटका मिला था। परिजन का कहना था कि रात में खाना खाने के बाद राखी सोने चली गई थी। सुबह जब देखा तो आंगन में लगी जाल पर साड़ी का फंदा कसकर फांसी लगा ली थी।

लड़की की सुसाइड की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच में पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव सहित अन्य अफसरों को बुलवाया गया। फोरेंसिक एक्सपर्ट को गले में बंधी साड़ी की गठान ने पहला सुराग दिया। गठान वैसी नहीं थी जैसी फांसी में होती है।

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गठान से समझ आ रहा था कि किसी और ने बांधी है। इसके साथ ही जिस जाल पर फंदा कसा गया था, वह भी काफी ऊंचा था, इसलिए प्रारंभिक पड़ताल में मामला संदिग्ध लगा। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने राखी राठौर के भाई जितेन्द्र और पिता राजेन्द्र से पूछताछ की तो दोनों ने वारदात कुबूल कर ली।

हत्या से दो दिन पहले ही लौटी थी घर

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हत्या की असल वजह यह है कि राखी किसी दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती है। पिता-भाई को यह मंजूर नहीं था, इससे समाज में उनकी बदनामी होती थी। 5 जून को राखी कुछ गहने और कैश लेकर घर से भाग गई थी। इस दौरान उसकी जनकगंज थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उसे 7 जुलाई को ढूंढ लिया था। छात्रा को परिवार से डर था, इसलिए उसे नारी निकेतन में रखा गया था। राखी सहित सभी की सहमति के बाद 31 जुलाई को उसे घर भेजा गया था।

क्राइम पेट्रोल देखकर रची साजिश

हत्या की पूरी प्लानिंग क्राइम पेट्रोल शो देखकर रची गई। हत्या में पांच लोग शामिल हैं। ताऊ के दो बेटों मनोज और मोनू को बचाने के लिए मुरैना में मारपीट के मामले में पुलिस से गिरफ्तार कराने और जेल में रखने की प्लानिंग रची, लेकिन वहां योजना फेल हो गई। वहां वह इस तरह की मारपीट नहीं कर पाए कि जेल जा सकें। इसके बाद भाई, पिता और ताऊ ने यहां योजना के तहत घर की एक बहू और बच्चे को बर्थ डे में भेजा। राखी की मां को कुछ नहीं पता था। उसे छत पर सोने के लिए भेज दिया गया। आखिर में राखी के हाथ उसके पिता ने पकड़े और ताऊ और भाई ने गले में साड़ी बांधकर उसे लटका दिया।

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