22 Decisions of the UP Cabinet: शिक्षामित्रों की मांग पूरी, 25 लाख युवाओं को दिए जाएंगे टैबलेट,​पढ़िए और क्या

Shiksha Mitras' Demands Fulfilled; 2.5 Million Youths to Receive Tablets—Read What Else Is in Store

शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को बढ़ा हुआ मानदेय मई से मिलने लगेगा।

लखनऊ। 22 Decisions of the UP Cabinet  यूपी सरकार लगातार चुनावी मोड में काम कर रही है। लगातार जनसरोकारों से जुड़े फैसले लेकर सत्ता विरोधी लहर को समाप्त कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। पहला फैसला शिक्षा विभाग से जुड़ा रहा है,जिसमें सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर लगभग दोगुना कर दिया है, जिसके लिए दोनों विभागों के संगठन लंबे समय से मांग कर रहे थे। दूसरे फैसले में प्रदेश 52 जनपदों में परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पीपीपी मॉडल पर आधुनिक बस अड्डों के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। तीसरे फैसले के तहत बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, कबीर, ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि समेत अन्य महापुरुषों की मूर्तियों का व्यापक सौंदर्यीकरण होगा। चौथे फैसले के स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत युवाओं को निःशुल्क वितरण के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

शि​क्षामित्रों की मांग पूरी

जारी सूची के अनुसार शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को बढ़ा हुआ मानदेय मई से मिलने लगेगा। सरकार ने 1.43 लाख शिक्षामित्रों व 24 हजार अनुदेशकों की नौ साल से चल रही मांग को पूरी कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि को स्वीकृति दी गई। यह अप्रैल से लागू होगा और मई के भुगतान में इनको बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि 2017 में 10 हजार रुपये निर्धारित किए गए शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर अब 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। वहीं अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है।

25 लाख युवाओं को टैबलेट

मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के छात्रों को सरकार की ओर से स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत निःशुल्क वितरण के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर टैबलेट वितरित किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना में 2000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बताया कि योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, आइटीआइ और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़े छात्रों एवं प्रशिक्षुओं को टैबलेट नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। एक टैबलेट की कीमत 12 हजार रुपये आंकी जा रही है। ऐसे में 25 लाख टैबलेट की खरीद में तीन हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।

महापुरुषों की स्मारकों का संरक्षण

प्रदेश सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में 10 स्मारकों के विकास का निर्णय लिया है। बैठक में ‘डा० बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत महापुरुषों, समाज सुधारकों और सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियों का संरक्षण, सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के साथ-साथ संत रविदास, कबीर, ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि समेत अन्य महापुरुषों की मूर्तियों का व्यापक सौंदर्यीकरण करेगी। इसके साथ ही आगामी 14 अप्रैल को प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें जनप्रतिनिधि भाग लेंगे।समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 स्मारकों का विकास किया जाएगा।प्रति स्मारक 10 लाख रुपये की लागत तय की गई है। इसके अंतर्गत कुल 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्मारकों के आसपास बाउंड्रीवॉल, छत्र निर्माण, सौंदर्यीकरण, हरियाली का विकास और प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।

आधुनिक बस स्टेशन की सौगात

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत बस स्टेशनों को अत्याधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जहां यात्रियों को शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छता एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पात्रता शर्तों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। तकनीकी क्षमता की शर्त को परियोजना लागत के 150% से घटाकर 100% किया गया है, वहीं परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा 5 से बढ़ाकर 8 वर्ष कर दी गई है। नेट वर्थ की अनिवार्यता परियोजना लागत का 25% निर्धारित की गई है तथा कंसोर्टियम में सदस्यों की अधिकतम संख्या 3 से बढ़ाकर 4 कर दी गई है। लीज अवधि 35 या 90 वर्ष निर्धारित की गई है और इसके समाप्त होने पर स्वामित्व प्रदेश सरकार का होगा।

मेट्रो विश्वविद्यालय को हरी झंडी

ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत मेट्रो विश्वविद्यालय की स्थापना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इससे इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा के इच्छुक युवाओं को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 के प्रावधानों के अंतर्गत यह निर्णय लिया गया है।प्रायोजक संस्था सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमटेड, नोएडा द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर मेट्रो विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इसे परीक्षण के बाद स्वीकृति दी गई है।

कोटेदारों से खाली बोरे खरीदने की अनुमति

कैबिनेट ने गेहूं खरीद के लिए उचित दर विक्रेताओं के पास उपलब्ध पीडीएस से खाली बोरों को सीधे खरीदने की अनुमति खाद्य विभाग को दे दी है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते बोरों की आपूर्ति बाधित हुई है। साथ ही बाजार भाव भी बढ़ गए हैं।इसलिए ई टेंडर और जेम से ही खरीद की शर्त में छूट देते हुए उचित दर विक्रेताओं के पास उपलब्ध पीडीएस से खाली यूज्ड बोरों की खरीद का फैसला किया गया है। इससे उचित दर विक्रेताओं से सीधे 20-25 हजार गांठ जूट बोरे तत्काल उपलब्ध हो सकेंगे और गेहूं खरीद का काम प्रभावित नहीं होगा।

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