बिजली उपभोक्ताओं को राहत अब प्रदेश में लगेंगे सिर्फ स्मार्ट मीटर, Prepaid Meters की अनिवार्यता खत्म

Relief for Electricity Consumers: Only Smart Meters to be Installed in the State Now; Mandatory Requirement for Prepaid Meters Lifted.

बता दें कि प्रीपेड की अनिवार्यता का राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद विरोध कर रहा है।

लखनऊ। Prepaid Meters  की वजह से आ रही उपभोक्ताओं की समस्या को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म हो गई है। अब सिर्फ स्मार्ट मीटर लगेंगे। इसके लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश एक अप्रैल को ही अधिसूचित किया गया है। प्रदेश में करीब 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगे हैं, जिसमें 70 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। पावर कार्पोरेशन की ओर से नए विद्युत कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जा रहा है। बता दें प्रीपेड मीटर की वजह से लोग समय से बिजली नहीं जमा कर पा रहे थे, जिस वजह से बड़ी संख्या में कनेक्शन बंद हो रहे थे। इससे लोगों में व्यवस्था के प्रति आक्रोश है।

बता दें कि प्रीपेड की अनिवार्यता का राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद विरोध कर रहा है। संसद में सवाल उठने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा कि प्रीपेड अनिवार्य नहीं है। यह उपभोक्ताओं की इच्छा पर निर्भर करता है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने कहा था कि राष्ट्रीय कानून विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं के परिसर पर पोस्टपेड व प्रीपेड मोड में लगाने की बात कही थी।

इसके बाद भी ज्यादातर उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे थे। विद्युत उपभोक्ता परिषद लगाता इसका विरोध कर रहा था। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने एक अप्रैल 2026 को नई अधिसूचना जारी कर दिया है। इसमें यह संशोधन कर दिया कि जिस भी क्षेत्र में संचार नेटवर्क मौजूद है वहां पर सभी बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के रूप में दिए जाएंगे। प्रीपेड की अनिवार्यता जो पहले थी उसे हटा दिया गया है। स्मार्ट मीटर के रूप में कनेक्शन तो दिए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड मोड उपभोक्ताओं के विकल्प पर आधारित होगा।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि संशोधित अधिसूचना जारी हो गई है। देशभर के विद्युत उपभोक्ताओं ने लड़ाई जीती है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अपने आदेश में संशोधन कर दिया है अब पूरे देश में स्मार्ट मीटर तो लगा सकते हैं, लेकिन प्रीपेड मोड केवल उपभोक्ताओं की सहमति के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।

निजीकरण विरोधी आंदोलन को देंगे धार

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर ली है। इसके लिए अंतिम निर्णय रविवार को होने वाली केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन ने अभी तक निजीकरण प्रस्ताव रद्द करने की घोषणा नहीं की है। विरोध करने वालों के खिलाफ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। समिति ने प्रबंधन पर कई अन्य आरोप भी लगाए हैं। इनमें संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी शामिल है।

रिश्तों का अंत: डेढ़ करोड़ और सरकारी नौकरी के लालच में पत्नी और बेटे की बेदर्दी से मार डाला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

‘राम’ बनकर छाए रणबीर कपूर Play Holi with herbal colours Shreya Sharma’s new avatar in ‘Mr. and Mrs. Grey’ भारत की चैंपियन बेटियां Main Shakti Peethas of Mother