सागर में जहरीली शराब से 18 लोगों की मौत, सैकड़ों लोग लड़ रहे मौत से, जांच में बड़े भाजपा नेता का नाम आया सामने

18 people died from toxic liquor in Sagar, and hundreds are battling for their lives; a prominent BJP leader's name has surfaced during the investigation.

सागर :ToxicLiquor  एमपी के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस जांच में भाजपा नेता और तितरवारा सरपंच चंदू सिंह राजपूत का नाम सामने आया है कि वह बरायठा सहित मृतकों के सभी गांव में यही शराब सप्लाई करता था। ग्रामीणों ने बताया कि रात में ठेकेदारों की गाड़ियां गांव में अपने अपने-लोगाें के पास शराब की डिलेवरी देने आते थे। सूत्रों के अनुसार अकेले गूगरा खुर्द में ही प्रतिदिन ढाई सौ से अधिक शराब के पव्वे की बिक्री होती थी। शराब माफिया हर गांव में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर शराब मुहैया कराते हैं। एक पाव की कीमत 70 से 120 रुपये तक होती है। जहरीली शराब से मौतों के बाद रविवार देर शाम प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल सागर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। देर शाम अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य दीपाली रस्तोगी भी सागर पहुंची।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से शनिवार सुबह से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। शनिवार दोपहर तक लोगों के मरने की सूचना मिलने लगी। जहरीली शराब के सेवन से मरने के कुछ देर बाद से ही मृतकाें का शरीर नीला पड़ने लगा था। बंडा अस्पताल में ही रविवार को सौ से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को सागर रेफर किया गया। तड़के सुबह ही सीएमएचओ डा. देवेश पटैरिया स्वास्थ्य अमले को लेकर बंडा पहुंचे, जहां प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर घर-घर सर्वे किया गया, और बीमार लोगाें को बंडा अस्पताल लाया गया।

घरों में नहीं जले चूल्हे

शराब पीने से 18 लोगों की मौत से कई गांवों में चूल्हे तक नहीं जले, पूरे गांव से रोने—चीखने की आवाजे आती रही। इस दौरान लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा साफ दिखाई दिया। गूगरा, बमूरा, नाैराज जैसे गांवों में एक से अधिक मौत होने के बाद पूरे गांव में मातम पसरा रहा। गांव में जब चार-चार अर्थियां उठीं तो देखने वाले की आंखें नम हो गई। गांव के मुक्तिधाम में जगह कम पड़ गई। शाम तक चिताएं जलती रहीं। जहरीली शराब ने गांव के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक को निगल लिया। बाहुबली शराब माफिया से डर के चलते गांव वाले उनका विरोध तक नहीं करते थे।

अस्पताल में कम पड़ी व्यवस्था

सागर के तीस बिस्तरों के बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जहरीली शराब पीकर बीमार हुए मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में पलंग कम पड़ गए। बीएमसी से डाक्टरों की बुलाना पड़ा। मर्चुरी में शव रखने की जगह नहीं थी। पीएम हाउस के बाहर गाड़ियों में शव घंटों पड़े रहे।मर्चुरी में केवल एक डाक्टर होने के कारण पीएम में भी काफी देर लगी। मृतक उजयार सिंह के साले वीर सिंह ने बताया कि उनके जीजा की मृत्यु शनिवार शाम को हो गई थी, तभी से शव को बंडा की मर्चुरी में रखवा दिया गया था, लेकिन दूसरे दिन 12 बजे तक शव का पीएम नहीं हो पाया।

हंसो मत रोओ

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