लखनऊ। RoadwaysLand : प्रदेश में परिवहन निगम की बहुत जमीन खाली पड़ी है, सरकार इन जमीनों को अस्पताल और स्कूल बनाने के लिए लीज पर देने जा रही है। क्योंकि कई जिलों में सरकारी बस स्टैंड कई साल से खाली पड़ा है। बता दें कि राजधानी लखनऊ में कैसरबाग बस स्टेशन तक बसों के पहुंचने में जगह-जगह जाम जूझना पड़ता है, इस समस्या से निपटने के लिए जानकीपुरम बस स्टेशन तैयार कराया जा रहा है। इसके पूरा होने पर कैसरबाग की जमीन का सार्वजनिक हित में पार्किंग बनाने में उपयोग हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार परिवहन निगम ने इस समय देवरिया जिले के गौरी बाजार बस स्टेशन की 3880 वर्ग मीटर भूमि अस्पताल, होटल, शिक्षा संस्थान आदि बनाने के लिए ई-निविदा जारी किया है। यह बस स्टेशन 1993 से स्थायी रूप से बंद था, फ्लाईओवर निर्माण के कारण बसों के अंदर तक न पहुंच पाने की वजह से इसे बंद किया गया था।
35 साल के लिए लीज पर दी जाएगी जमीन
परिवहन निगम ने विभिन्न शहरों में बहुमूल्य लेकिन, वर्षों से अनुपयोगी भूखंडों को खाली छोड़ दिया है, इससे वहां पर अवैध कब्जे हो रहे थे। इसे रोकने के लिए निगम ने बिल्ड यूज ट्रांसफर मॉडल तैयार किया है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभुनाथ सिंह ने बताया, इस मॉडल में निजी विकासकर्ता को जमीन 35 वर्ष की लीज पर दी जाएगी। वह जमीन का भूउपयोग परिवर्तन कराकर अस्पताल, होटल, शिक्षा संस्थान आदि बना सकेगा। इसमें निर्माण की सारी प्रक्रिया विकासकर्ता को ही पूरी करनी होगी। लीज पूरी होने पर विकसित संपत्ति निगम को मिलेगी।
इससे निगम को एकमुश्त लीज अनुदान और वार्षिक लाइसेंस शुल्क सहित अन्य से आय भी बढ़ेगी। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने बताया, प्रदेशभर में गौरी बाजार की तरह करीब तीन दर्जन बस स्टेशनों को और चिन्हित किया गया है। आगे वहां की निविदा निकाल करके जमीनों का बेहतर उपयोग कराया जाएगा। निगम प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के तहत बस स्टेशनों को नए सिरे से बना रहा है। लखनऊ में विभूतिखंड, चारबाग व अमौसी में कार्य चल रहा है। नया मॉडल पीपीपी से पूरी तरह से अलग है।
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