गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप ने मनाया ‘Pride@Godrej 2026’

Godrej Industries Group celebrated 'Pride@Godrej 2026'.

यह आयोजन संगठन के विश्वास, निष्पक्षता और सम्मान जैसे मूल्यों को दर्शाता है।

  • गोदरेज DEI लैब ने ‘क्वीर डायरेक्शन्स’ के तहत एक नया संकलन ‘क्वीर इंडिया नाउ!’ लॉन्च किया

बिजनेस डेस्क, मुंबई: समावेशी भविष्य बनाने की अपनी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, गोदरेज इंडस्ट्रीज ने गोदरेज वन में Pride@Godrej 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कर्मचारियों, सामुदायिक नेताओं, लेखकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने हिस्सा लिया। पूरे दिन भारत में LGBTQIA+ समुदाय के समावेशन से जुड़े विषयों पर चर्चा, उत्सव और सामूहिक विचार-विमर्श हुआ। यह आयोजन संगठन के विश्वास, निष्पक्षता और सम्मान जैसे मूल्यों को दर्शाता है।

उत्सव की शुरुआत वार्षिक ‘प्राइड मार्च’ के साथ हुई, जिसका नेतृत्व इस साल के प्राइड मार्शल और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) के सीईओ सुधीर सीतापति ने गोदरेज वन में किया। यहाँ कर्मचारी, वरिष्ठ नेता और सहयोगी LGBTQIA+ समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एकत्र हुए। इसने समूह के एक ऐसे समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने के संकल्प को मजबूत किया, जहाँ लोग बिना किसी बाधा के अपनी वास्तविक पहचान के साथ काम कर सकें। इस मार्च के दौरान, सीतापति ने ‘प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग टूलकिट’ लॉन्च की। यह एक व्यावहारिक DEI टूलकिट है जो मैन्युफैक्चरिंग और FMCG कंपनियों को LGBTQIA+ व्यक्तियों के लिए समावेशी, सम्मानजनक और कानूनी रूप से जागरूक कार्यस्थल बनाने में मदद करती है।

वास्तविक जीवन की कहानियां

Pride@Godrej 2026 का एक मुख्य आकर्षण ‘क्वीर इंडिया नाउ’ (Queer India Now) का विमोचन रहा। यह क्वीर लेखन का एक संकलन है, जिसे वेस्टलैंड और DEI लैब द्वारा उनके पब्लिशिंग इम्प्रिंट ‘क्वीर डायरेक्शन्स’ के तहत प्रकाशित किया गया है। पत्रकार और कार्यकर्ता ध्रुबो ज्योति और धामिनी रत्नम द्वारा संपादित, यह संकलन भारत में क्वीर लोगों की पहचान, गरिमा, दृश्यता और उनके वास्तविक जीवन की कहानियों को सामने लाता है। इस अवसर पर ‘क्वीर इंडिया फेलोशिप’ की शुरुआत भी की गई। यह गोदरेज फाउंडेशन द्वारा गोदरेज DEI लैब के सहयोग से शुरू किया गया एक वार्षिक लीडरशिप प्रोग्राम है। 12 महीने की इस पहल का उद्देश्य मेंटरशिप, ट्रेनिंग और उद्योग विशेषज्ञों के माध्यम से उभरते हुए क्वीर लीडर्स की मदद करना है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ ऐतिहासिक रूप से क्वीर प्रतिनिधित्व सीमित रहा है।

कार्यक्रम में डांस परफॉर्मेंस

शाम के कार्यक्रम में डांस परफॉर्मेंस, क्वीर बाज़ार, एक हायरिंग बूथ (भर्ती स्टॉल) और क्वीर साहित्य, पहचान व समावेशन पर आधारित रीडिंग और चर्चाएँ शामिल थीं, जिसमें लेखकों, कलाकारों और समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस ए.पी. शाह मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने एक अधिक समावेशी समाज के निर्माण में गरिमा, समानता और संवैधानिक मूल्यों के महत्व पर बात की।

कार्यक्रम में बोलते हुए गोदरेज DEI लैब के प्रमुख और “Queeristan” के लेखक परमेश शाहानी ने कहा, “Pride@Godrej की खास बात यह है कि यह क्वियर समुदाय की वास्तविक आवाज़ों, कहानियों और नेतृत्व को लगातार मंच प्रदान करता है। चाहे वह साहित्य हो, फेलोशिप कार्यक्रम, सामुदायिक साझेदारियां या हमारे कार्यस्थलों के भीतर होने वाली चर्चाएं, हमारा प्रयास ऐसे माहौल बनाना है जहां लोगों को देखा जाए, सुना जाए और उनकी पहचान के लिए सम्मान दिया जाए। क्वियर समावेशन केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करने के बारे में है जहां लोग खुलकर सपने देख सकें, पूरी भागीदारी कर सकें और आत्मविश्वास के साथ भविष्य का निर्माण कर सकें।

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