उन्नाव। Highways Become Synonymous with Death:आवागमन को सफल और सुगम बनाने के लिए सरकार एक के बाद एक हाईवे बनवा रही है, जो मौत का पर्याय बन रहे है। शायद ही कोई ऐसा दिन हो जब देश किसी न किसी कोने में हाईवे पर लाशें न बिछती है। सरकार हाईवे को तेज चलने योग्य तो बना रही हैं, लेकिन छोटे रास्तों से निकलकर हाईवे पर चलने वाले तैयार नहीं रहते है, कभी नियम तोड़ते ही मौत मिलती है तो कभी नींद और झपकी मौत की वजह बन रही है। मंगलवार को यूपी के उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। किसी के सिर से पिता का साया छिन गया तो किसी की मांग का सिंदूर उजड़ गया। हादसे की खबर सुनते ही दिल्ली, गुड़गांव और गोरखपुर से देर शाम तक मृतकों के परिवार के लोग पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचते रहे।
बलिया से दिल्ली जा रही बस मंगलवार को हादसे का शिकार हो गई, हादसा जिस समय हुआ उस समय अधिकतर यात्री गहरी नींद में सोए थे। जैसे ही तेज रफ्तार बस हाईवे पर पलटी तो बस में चीख— पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से लोगों को बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के घर में कोहराम मच गया। परिजन रोते —बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पर देर रात तक पहुंचते है।
मंगलवार तड़के हुआ हादसा
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर औरास के नींभा खेड़ा गांव के पास मंगलवार तड़के भीषण हादसा हुआ। 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दिल्ली से बिहार जा रही स्लीपर बस चालक को झपकी लगने से अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, सभी लेन पार करती हुई पार्किंग लेन में जाकर बाईं ओर पर पलट गई और 50 मीटर तक एल्युमिनियम गार्ड पर घिसटती चली गई। हादसे में बिहार के सिवान जिला के दारोगा व हरियाणा निवासी बंदी समेत सात की मौत हो गई, जबकि 24 यात्री घायल हो गए।
सीएम ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त कर घायलों का समुचित इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल पर जायजा लिया। पीटीओ शहपर किदवई ने बताया कि बस के पांच चालान पेंडिंग है। हिमाचल प्रदेश में लोकल टैक्स न जमा करने पर 50 हजार का चालान किया गया है। दो नो पार्किंग, एक लेन चेंज व अतिरिक्त लाइट लगाने में चालान किया गया है। इसके अलावा मई का टैक्स भी जमा नहीं है। बस इसी फरवरी माह में खरीदी गई है। अन्य कागजात पूरे हैं।
यह लोग हुए हादसे का शिकार
हादसे में बिहार के सिवान जिला की पुलिस लाइन में तैनात दारोगा 58 वर्षीय रविचरन राम निवासी महुआरी थाना महाराजगंज जिला सिवान, 50 वर्षीय बंदी डा. सीएस तोमर उर्फ छत्रपाल सिंह पुत्र गोरेलाल निवासी मकान नंबर 201/ 31 बी लक्ष्मी हास्पिटल थाना लक्ष्मण विहार फेज 02 जिला गुरुग्राम, हरियाणा, 40 वर्षीय सुरेश कुमार जायसवाल पुत्र रामाधार निवासी मुंडेरा बाजार जनपद गोरखपुर, 40 वर्षीय विदेशी गुप्ता पुत्र मिश्री गुप्ता निवासी पिपराइच मधुपुर जनपद गोरखपुर, 24 वर्षीय विजय कुमार पुत्र रामजीत निवासी कसानगंज जनपद बस्ती, 50 वर्षीय दिनेश चंद्र चतुर्वेदी निवासी सिंघारघाट मसकौना थाना छतिया जिला गोंडा व एक अज्ञात महिला समेत सात की मौत हो गई।
