पीलीभीत। The Terrifying Punishment for Love: यूपी के पीलीभीत जिले में जुलाई में नहर के किनारे ट्रक में आग लगने से चालक की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया। दरअसल चालक की मौत,हादसे में नहीं हुई थी,बल्कि उसकी प्रेमिका ने संबंध नहीं खत्म करने से नाराज होकर पहले उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला करके बेहोश किया, फिर ट्रक की केबिन में पेट्रोल छिड़कर आग लगाकर भाग निकली थी। पहले तो परिजन और पुलिस हादसे में युवक की मौत होना मानकर चल रहे थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होना और परिजनों के हत्या की आशंका जताने पर पुलिस ने जब जांच की तो एक—एक कर सारी परते खुल गई।
उत्तराखंड से नेपाल जा रहा था बलजिंदर
मामले का खुलासा करते हुए एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि रामपुर के बिलासपुर क्षेत्र के गांव बड़ा बोसेना निवासी बलजिंदर सिंह रुद्रपुर उत्तराखंड से फोम लदा ट्रक लेकर नेपाल बॉर्डर जा रहा था। 10 जुलाई को कोतवाली पूरनपुर क्षेत्र के हरदोई ब्रांच नहर पुल के पास ट्रक की केबिन में उसका जला हुआ शव मिला था। पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी। बिसरा सुरक्षित किया गया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे हादसा मान रही थी, लेकिन परिजन लगातार हत्या की आशंका जता रहे थे। बलजिंदर के परिजनों ने घटना से पहले की सीसीटीवी फुटेज जुटाकर पुलिस को उपलब्ध कराई। इसके बाद मामले की जांच ने नया मोड़ लिया। घटना के 14 दिन बाद बलजिंदर के भाई गुरमीत सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो सामने आया कि ट्रक गुरुद्वारे से निकलने के करीब एक घंटे बाद लगभग एक किलोमीटर दूर आग की चपेट में आया था। इसके बाद बलजिंदर के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। जांच में एक महिला से उसकी कई बार बातचीत सामने आई। पुलिस ने महिला से पूछताछ की तो घटना का राज खुल गया।
तीन साल से चल रहा था प्रेम संबंध
बता दें कि बलजिंदर सिंह और अमनदीप कौर के बीच करीब तीन साल से प्रेम संबंध थे। अमनदीप संबंध खत्म करना चाहती थी, जबकि बलजिंदर उस पर संबंध बनाए रखने का दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते अमनदीप ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। अमनदीप का मायका पीलीभीत के गजरौला थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में है। घटना से पहले वह मायके आ गई थी। उसने परिजनों को सहेली से मिलने पूरनपुर जाने की बात बताई और वहां से घटना स्थल पर पहुंच गई। ट्रक के वहां पहुंचने के बाद दोनों के बीच केबिन में विवाद हुआ। इसी दौरान अमनदीप ने केबिन में रखी लोहे की रॉड से बलजिंदर के सिर पर वार कर दिया। बलजिंदर के बेहोश होने के बाद अमनदीप ने केबिन में रखी पिपिया से डीजल डालकर आग लगा दी, ताकि घटना को सड़क हादसा दिखाया जा सके। इसके बाद वह हाईवे से गुजर रहे वाहन में बैठकर वापस अपने मायके चली गई।ट्रक के केबिन में आग लगने से चालक बलविंदर की जलकर हुई मौत को पुलिस और अग्निशमन विभाग ने शुरुआत में हादसा माना था। हालांकि, मृतक के परिवार को घटना की परिस्थितियों पर शक था। परिजनों ने पुलिस से हत्या की आशंका जताते हुए गहन जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू की तो हादसा समझी जा रही घटना के पीछे हत्या की कहानी सामने आ गई।
दो फोन इस्तेमाल करता था बलजिंदर
पुलिस ने सबसे पहले मृतक के बारे में अन्य जानकारियां जुटाईं और उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। पहले मोबाइल नंबर से जांच में कोई खास सुराग नहीं मिला। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए जब उसके बारे में और जानकारी जुटाई तो पता चला कि बलविंदर एक दूसरे मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल करता था। इसके बाद पुलिस ने उस नंबर की भी कॉल डिटेल निकलवाई। दूसरे नंबर की कॉल डिटेल में एक नंबर से नियमित और काफी अधिक बातचीत होने की बात सामने आई। पुलिस ने संबंधित नंबर को ट्रेस किया तो घटना वाले दिन और घटना स्थल के आसपास उसकी लोकेशन मिलने की जानकारी सामने आई।
इससे पुलिस का शक गहरा गया और टीम ने नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस दूसरे मोबाइल नंबर के जरिए रामपुर जिले के बिलासपुर थाना क्षेत्र के बड़ा बरसाना गांव निवासी अमनदीप कौर उर्फ अमना पत्नी सुखविंदर सिंह तक पहुंची।पुलिस के मुताबिक, आरोपी वर्तमान में उत्तराखंड में रुद्रपुर के पास सोढ़ी कॉलोनी में रह रही थी। पूछताछ के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तथ्यों को जोड़कर मामले की कड़ियां जोड़ीं। इसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सका। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर जांच की मांग की थी। इसके बाद तीन टीमों को लगाकर जांच कराई गई। गहनता से जांच के बाद सामने आए तथ्यों से घटना की हकीकत सामने आई और पुलिस ने सफल खुलासा किया।
