Shameless Pak : बलूचिस्तान में बंधक अपने आठ जवानों को पहचानने से किया इनकार, घर वाले परेशान

Pakistan refuses to identify eight of its soldiers held hostage in Balochistan, leaving families worried

सब कुछ जानने के बाद भी पाकिस्तानी सरकार उनको छुड़ाने की जगह उन्हें पहचानने से इन्कार कर दिया है।

लाहौर: Shameless Pak  पाकिस्तानी सरकार बेशर्मी पर उतर आई है, अब तक तो वह अपने पाले पोशे आंत​कियों के मारे जाने पर पहचानने से इन्कार कर देती थी। अब उससे दो कदम आगे की बेशर्मी दिखाई। दरअसल देश की सुरक्षा में लगे आठ पाकिस्तानी सैनिकों को बलूचिस्तान में विद्रोहियों ने बंधक बना लिया है, सब कुछ जानने के बाद भी पाकिस्तानी सरकार उनको छुड़ाने की जगह उन्हें पहचानने से इन्कार कर दिया है।

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए ने दावा किया है कि उसके पास पाकिस्तानी सेना के आठ जवान बंधक है। इन सैनिकों को 14 फरवरी को अगवा किया गया था और बीएलए ने इनके बदले अपने कैद साथियों की रिहाई की मांग रखी है। आतंकी संगठन ने इसके लिए 21 फरवरी तक का समय दिया है जो आज खत्म हो रहा है। बीएलए ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तानी सेना ने उनके साथियों को नहीं छोड़ा, तो इन सभी बंधक जवानों को फांसी दे दी जाएगी। इस खबर के बाद से उन सैनिकों के परिवारों में कोहराम मचा है लेकिन सेना की चुप्पी ने सबको हैरान कर दिया है।

पाकिस्तानी सेना का पुराना पैंतरा

पाकिस्तानी सेना ने आधिकारिक तौर पर इन जवानों को अपना मानने से ही मना कर दिया है। जैसे ही इन सैनिकों के वीडियो सामने आए, पाकिस्तानी सेना की प्रचार शाखा आईएसपीआर ने सोशल मीडिया पर इसे झूठ बताना शुरू कर दिया। सेना का कहना है कि यह वीडियो फर्जी है और ये लोग उनके सैनिक नहीं है। इसके जवाब में बीएलए ने एक नया वीडियो जारी किया है जिसमें बंधक जवान कैमरे के सामने अपना आधिकारिक पहचान पत्र दिखा रहे हैं और अपना नाम व यूनिट बता रहे हैं,इसके बावजूद सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व वाली फोर्स अपने ही लोगों को लावारिस छोड़ने पर आमादा है।

कारगिल युद्ध की यादें हुई ताजा

पाकिस्तान की यह हरकत 1999 के कारगिल युद्ध की याद दिलाती है जब जनरल परवेज मुशर्रफ ने सीमा पार लड़ रहे अपने नियमित सैनिकों को पहचानने से इनकार कर दिया था। उस समय भी पाकिस्तानी सेना ने अपने मारे गए सैनिकों के शव लेने से मना कर दिया था और उन्हें मुजाहिदीन बताया था। अब वही इतिहास बलूचिस्तान में दोहराया जा रहा है जहां सेना अपने राजनीतिक हितों के लिए अपने ही जवानों की जान दांव पर लगा रही है। दुनिया भर में पाकिस्तान की इस नीति की आलोचना हो रही है क्योंकि एक सेना के लिए अपने ही जवानों को दुश्मन के रहमों-करम पर छोड़ देना बेहद कायरतापूर्ण माना जाता है।

बलूचिस्तान में बढ़ता संघर्ष और सेना की साख

बलूचिस्तान में पिछले कुछ समय से विद्रोह की घटनाएं बढ़ी हैं और पाकिस्तानी सेना को वहां भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बंधक जवानों को न पहचानकर सेना यह जताना चाहती है कि वहां स्थिति नियंत्रण में है और कोई भी बड़ा नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने सेना के इस झूठ की पोल खोल दी है. इस घटना से पाकिस्तानी सेना के भीतर भी असंतोष बढ़ सकता है क्योंकि हर सैनिक अब असुरक्षित महसूस कर रहा है. अगर शनिवार की समय सीमा खत्म होने पर बीएलए कोई बड़ा कदम उठाती है, तो इसका सीधा जिम्मेदार पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व ही होगा।

Sexual abuse of children : बच्चों के यौनशोषण के आरोपी दंपती को मरते दम तक फांसी पर लटकाने की कोर्ट ने सुनाई सजा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Play Holi with herbal colours Shreya Sharma’s new avatar in ‘Mr. and Mrs. Grey’ भारत की चैंपियन बेटियां Main Shakti Peethas of Mother Preeti Jhangiani brings glory to India in Bulgaria