GlobalEconomicCooperation: बहुध्रुवीय दुनिया में सहयोग और विकास के नए रास्तों की तलाश

Global Economic Cooperation: Seeking new paths of cooperation and development in a multipolar world

ये सभी विषय वर्तमान दौर में आर्थिक संप्रभुता और वैश्विक स्थिरता के केंद्र बने हुए हैं।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली : GlobalEconomicCooperation वरिष्ठ नीति-निर्माता, वैश्विक सीईओ, निवेशक और भारत और विदेशों से बहुपक्षीय संस्थानों के लीडर 17 से 19 फरवरी 2026 के बीच मुंबई में आयोजित होने वाले पहले ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2026 (जीईसी) के लिए एकत्र होंगे। यह एक उच्चस्तरीय, आमंत्रण-आधारित मंच होगा, जिसका उद्देश्य यह विचार करना है कि तेजी से बहुध्रुवीय होती दुनिया में आर्थिक कूटनीति, सहयोग और पूंजी के समन्वय को किस तरह विकसित होना चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार का सहयोग

यह सम्मेलन फ्यूचर इकोनॉमिक कोऑपरेशन काउंसिल (एफईसीसी) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो एक गैर-लाभकारी मंच है। इसका आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। इस काउंसिल को एक गवर्निंग बॉडी निर्देशित करेगी, जिसके मुख्य संरक्षक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं। भारतीय जनता पार्टी के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाले इसके डायरेक्टर और विश्वमित्र रिसर्च फाउंडेशन की संस्थापक प्रियम गांधी-मोदी इसकी डायरेक्टर एवं क्यूरेटर हैं।

वैश्विक आर्थिक बदलाव के इस दौर में आयोजित किए जा रहे जीईसी 2026 को उन गंभीर संरचनात्मक बदलावों (स्ट्रक्चर्ड चेंज) से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है, जो वैश्विक व्यापार, निवेश और आर्थिक प्रशासन को नया आकार दे रहे हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी सिस्टम, एनर्जी ट्रांजिशन और रेजिलिएंट सप्लाई चेन में स्ट्रक्चर्ड एंगेजमेंट के साथ यह इवेंट व्यापार से परे को-ऑपरेशन पर जोर देगा। उच्च-स्तरीय पूर्ण सत्र (हाई लेवल प्लेनरीज) और क्लोज्ड-डोर डायलॉग (गोपनीय संवाद) में इकोनॉमिक कॉरिडोर, इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप, डिजिटल कनेक्टिविटी, ईएसजी फ्रेमवर्क और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी गवर्नेंस पर फोकस किया जाएगा। ये सभी विषय वर्तमान दौर में आर्थिक संप्रभुता और वैश्विक स्थिरता के केंद्र बने हुए हैं।

वैश्विक समृद्धि की साझा जिम्मेदारी

जीईसी 2026 के लक्ष्य को लेकर फ्यूचर इकोनॉमिक कोऑपरेशन काउंसिल की डायरेक्टर प्रियम गांधी-मोदी ने कहा, “ग्लोबल इकोनॉमी एक निर्णायक समय में प्रवेश कर रही है, जहां अर्थव्यवस्थाओं को बिखराव (फ्रेगमेंटेशन), संरक्षणवाद (प्रोटेक्शनिज्म) और अनिश्चितता (अनसर्टेनिटी) के खतरों से खुद को बचाने की जरूरत है। ग्लोबल इकोनॉमिक को-ऑपरेशन 2026 के जरिये भारत विभिन्न सरकारों, निवेशकों और इंडस्ट्री लीडर्स को साथ लाने के लिए कदम बढ़ा रहा है, ताकि कैपिटल (पूंजी), इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा), टेक्नोलॉजी और एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग के लिए व्यावहारिक रास्ते बनाए जा सकें। ये कदम एक मल्टीपोलर दुनिया की वास्तविकताओं और वैश्विक समृद्धि की हमारी साझा जिम्मेदारी को दर्शाते हैं।”

भारतीय जनता पार्टी के विदेश मामलों के प्रभारी श्री विजय चौथाईवाले ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत ने वैश्विक नेताओं के साथ मजबूत साझेदारियां बनाई हैं, जो तेजी से बदलती दुनिया में समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं। आज, आर्थिक जुड़ाव भू-राजनीति (जियोपॉलिटिक्स) से अलग नहीं है। ऐसे समय में हम जीईसी 2026 की मेजबानी कर रहे हैं, जो को-ऑपरेटिव, नियमों पर आधारित इकोनॉमिक फ्रेमवर्क को आकार देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। इससे राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।”

ग्लोबल इकोनॉमिक लीडरशिप

सम्मेलन के तीसरे दिन जीईसी 2026 में इमर्जिंग लीडर्स सर्कल भी लॉन्च किया जाएगा। यह एक खास प्लेटफॉर्म होगा जो युवा बिजनेस माइंड्स और भविष्य के बिजनेस लीडर्स को ग्लोबल इकोनॉमिक चेंज और इनोवेशन को लेकर क्यूरेटेड पैनल एवं चर्चाओं के माध्यम से जोड़ेगा। इमर्जिंग लीडर्स सर्कल को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) और कोलंबिया यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर आयोजित किया जाएगा, जो ग्लोबल इकोनॉमिक लीडरशिप की अगली पीढ़ी को तैयार करने की फोरम की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक ऐसी दुनिया की कल्पना की गई है, जहां इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से को-ऑपरेशन (सहयोग) के रास्ते बनें और जहां ट्रेड, कनेक्टिविटी और इनक्लूजन तक निष्पक्ष पहुंच देते हुए शांति, समृद्धि और साझा प्रगति को बढ़ावा दिया जाए। इस सालाना फोरम में मंत्री स्तर के नेता, सॉवरेन एवं इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर और इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट, क्लीन एनर्जी, एआई, फिनटेक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के सीईओ एक मंच पर आएंगे। इस पहले एडिशन का मकसद ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन के लिए नए तरीकों की नींव रखना है।

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