यूपी के एक और माफिया Vinay Tyagi का अंत,पढ़िए कैसे जरायम की दुनिया में सिक्का जमाया

The end of another UP mafia, Vinay Tyagi. Read how he made his mark in the world of crime.

गलत संगत ने उसे जरायम की दुनिया का जाना पहचाना चेहरा बना दिया।

मेरठ। योगी सरकार में माफिया के अंत का जो सिलसिला शुरू हुआ था, वह लगातार जारी हैं, इस कड़ी में ताजा नाम Vinay Tyagi का जुड़ गया, जिसे पिछले दिनों पेशी पर ले जाते समय नकाबपोश बदमाशों ने अंधाधुन गोलियां चलाकर घायल कर​ दिया था, उसने इलाज के दौरान ऋषिकेश एम्स में आखिरी सांस ली। शनिवार को उसके पैतृक गांव में पुलिस की अभिरक्षा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अगर उसके इतिहास पर नजर डाले तो वह बेहद ही सभ्य परिवार से था। चार बहनों के इकलौते भाई को बेहद ही लाड —प्यार से पाला गया था, लेकिन गलत संगत ने उसे जरायम की दुनिया का जाना पहचाना चेहरा बना दिया।

बचपन में गुंडागर्दी और फिर सुपारी लेकर हत्या करने वाले Vinay Tyagi पर कुल 52 संगीन मामले दर्ज थे। उसके अंत से पश्चिम यूपी और उत्तराखंड के कई जिलों में वर्षों से फैला अपराध का एक बड़ा नेटवर्क खत्म हो जाएगा। तीर्थ नगरी बृजघाट में देर रात 11 बजे उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया।

पुलिस की सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कार

मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र के खाईखेड़ी गांव निवासी Vinay Tyagi के पिता सेवाराम त्यागी मेरठ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल मेडिकल कॉलेज में प्रमुख अधीक्षक कार्यालय में बाबू के पद पर तैनात थे। इसी वजह से विनय का बचपन मेडिकल कॉलेज परिसर में बीता। उसके पिता ने उसका दाखिला कैंट क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में कराया, यहीं से उसकी संगत बिगड़ गई, उसका मन पढ़ाई में कम बदमाशी में ज्यादा लगने लगा, धीरे—धीरे वह अपराध की दुनिया में आगे बढ़ने लगा। धमकाना, रंगदारी और सुपारी लेकर हत्या करना उसके लिए सामान्य सी बात हो गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई थानों में 52 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।

कुख्यात अपराधियों से रहा संपर्क

विनय त्यागी के संबंध पश्चिम यूपी के कई दुर्दांत अपराधियों से बताए जाते रहे हैं। पुलिस के अनुसार उसका संपर्क सुशील मूंछ, बदन सिंह बद्दो जैसे शातिर अपराधियों से भी रहा। डॉ. प्रमोद त्यागी और सुभाष त्यागी से उसकी अदावत को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। विनय त्यागी की बहन ने ही ये खुलासा किया था कि 750 करोड़ के लिए ठेकेदार सुभाष त्यागी यहां पर ईडी का छापा लगना था। ईडी से बचने के लिए नगदी और जेवरात ठेकेदार सुभाष त्यागी ने डॉ. प्रमोद त्यागी के घर पर पहुंच दिए। यह बात विनय को भी मालूम थी। विनय पर हमला कराने का आरोप सुभाष त्यागी पर लगाया है।

हरकतों से तंग परिवार ने बनाई दूरी

अपराध की दुनिया में रहते हुए विनय त्यागी ने अकूत संपत्ति अर्जित की, लेकिन उसके कृत्यों से आहत माता-पिता ने उससे दूरी बना ली थी। 86 वर्षीय पिता सेवाराम त्यागी वर्तमान में अपनी एक बेटी के साथ रहते हैं। विनय की मां की दो साल पहले मौत हो गई। बताया जाता है कि विनय की पत्नी निशी त्यागी दो बार पुरकाजी ब्लॉक प्रमुख रही। बताया गया है कि विनय खुद भी उसने सहारनपुर की देवबंद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।

बुधवार को रुड़की कारागार से लक्सर एसीजेएम कोर्ट में पेशी पर लाए जाते समय उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र में विनय त्यागी पर जानलेवा हमला हुआ। फ्लाईओवर के पास जाम के दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने सरकारी वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में विनय त्यागी को 3 गोलियां लगीं, जबकि वाहन में मौजूद 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बदमाश हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। घायल विनय की शनिवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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