बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। फ़्लिपकार्ट समूह की परोपकारी इकाई FlipkartFoundation ने हाल ही में अपने वार्षिक सम्मेलन ‘संपर्क 2025: एम्पावरिंग कम्युनिटीज, अनलॉकिंग पोटेंशियल’ का तीसरा संस्करण आयोजित किया। सम्मेलन का आयोजन भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया गया। इस सम्मेलन में सिविल सोसाइटी, अंतरराष्ट्रीय विकास संस्थानों और कॉर्पोरेट सीएसआर जगत के अग्रणी लोगों ने भाग लिया। इस दौरान समुदाय-आधारित विकास और भारत की समावेशी वृद्धि प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सारा गिडियन, वाइस प्रेसिडेंट – कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस एवं सीएसआर, फ़्लिपकार्ट ग्रुप के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद फ़्लिपकार्ट फ़ाउंडेशन की सैंड आर्ट फिल्म और स्टोरीज़ कम्पेंडियम के नवीनतम संस्करण का अनावरण हुआ, जिसमें समुदाय-आधारित पहलों की प्रमुख प्रगति और प्रभाव को दर्शाया गया।इसके पश्चात एआईएसीए और स्माइल फाउंडेशन के लाभार्थियों ने अपनी ‘स्टोरीज़ ऑफ चेंज’ साझा कीं, जिसमें बताया गया कि कैसे कौशल-विकास और आजीविका के अवसरों ने उन्हें बढ़ने और अपने परिवारों का सहयोग करने में सक्षम बनाया है।
नागरिक सहभागिता को मजबूत करना
मुख्य अतिथि लीना नंदन, IAS (सेवानिवृत्त) ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भारत के विभिन्न समुदायों पर बढ़ रहा है, और जलवायु-आधारित विकास सुनिश्चित करने के लिए नागरिक सहभागिता को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण में समुदायों की सक्रिय भागीदारी भारत की दीर्घकालिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। प्लान इंटरनेशनल (इंडिया चैप्टर) के एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर (CEO), मोहम्मद आसिफ ने मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत, भरोसेमंद समुदाय साझेदारियां ऐसे परिवर्तन लाती हैं जो किसी कार्यक्रम से आगे जाकर लंबे समय तक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास के परिणाम तय करने में समुदायों की समान आवाज़ जरूरी है।
सारा गिडियन, वाइस प्रेसिडेंट – कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस एवं सीएसआर, फ़्लिपकार्ट ग्रुप, ने कहा: “’संपर्क’ हमारे इस विश्वास को और मजबूत करता है कि समुदाय सिर्फ लाभार्थी नहीं होते, बल्कि परिवर्तन के मूल निर्माता होते हैं। आज की चर्चाओं ने यह दिखाया कि जब लोग, संस्थान और साझेदार एक साझा उद्देश्य के साथ जुड़ते हैं, तो कितनी मजबूत शक्ति पैदा होती है। फ़्लिपकार्ट फ़ाउंडेशन में हमारा संकल्प है कि हम इस सहयोग को और गहरा करें, और ऐसे मार्ग मज़बूत करें, जिनसे समुदाय अपना दीर्घकालिक विकास स्वयं कर सकें। जब समुदाय नेतृत्व करते हैं, तो उसका प्रभाव न केवल सार्थक होता है बल्कि स्थायी भी होता है।”
पूजा त्रिसाल, डायरेक्टर, फ़्लिपकार्ट फ़ाउंडेशन, ने कहा:“सम्पर्क एक ऐसा मंच है जहां हम समुदायों को सुनते हैं, साझेदारों से सीखते हैं और साथ मिलकर हुई प्रगति को पहचानते हैं। इस वर्ष की चर्चाओं ने हमें याद दिलाया कि सार्थक परिवर्तन समय, भरोसे और लगातार सहयोग से होता है। हम अपनी पहलों को समुदायों के वास्तविक अनुभवों पर आधारित रखते हुए आगे बढ़ा रहे हैं। प्रभाव हमेशा एक साझा यात्रा होती है, और हम अपने साझेदारों तथा समुदायों के साथ इस यात्रा में जुड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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