लखनऊ। लखनऊ की पहली धर्म ध्वजा तले आईआईएम रोड, सरौरा स्थित ख्याति प्राप्त माता बड़ी भुइयन मंदिर में एक नवंबर से प्रारंभ सुमेरू रूद्र महायज्ञ विगत दिवस पूर्णाहुति व भव्य भंडारा के साथ सपन्न हो गया। वहीं वार्षिक मेला व रावण दहन के साथ इस पांच दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ। भंडारे में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आस्था एवं अध्यात्म का दिखा अनूठा संगम
इस दरम्यान यहां आस्था एवं अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। इससे पहले यहां मंदिर परिसर में प्रमुख हवनकुंड सहित नौ हवनकुंडों पर कुशल पुरोहितों द्वारा मंत्रजप किया गया। तत्पश्चात् माता बड़ी भुइयन मंदिर आनंद गिरि सेवा ट्रस्ट के प्रमुख, तपस्वी नागा साधु आनंद गिरि के सानिध्य, आचार्य शिवाकांत द्विवेदी के नेतृत्व में पूर्णाहूति एवं विशाल भंडारा के आयोजन के साथ यह भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
यहां मुख्य हवन कुण्ड के साथ बने नौ हवन कुण्डों में भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी आहुति डाली। नागा साधु ने बताया कि लोगों में सद्बुद्धि, सद्व्यवहार एवं धर्म के विकास के लिए इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। वहीं भंडारे में साधु—संतों व श्रद्धालुओं ने आलू-कद्दू की सब्जी, पूड़ी व बूंदी का प्रसाद ग्रहण किया।

भारी संख्या जुटे साधु-संत व श्रद्धालु
वहीं यहां आयोजित वार्षिक मेले में भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता जुटी। इस दौरान उनमें काफी उत्साह दिखा। महिलाओं ने जहां चाट बताशे का लुफ्त उठाता तो वहीं पुरूषों की जलेबी की दुकान पर गरम—गरम जलेबी के लिए खासा भीड़ नजर आई। बच्चों की पूछो मत! उन्होंने जमकर यहां झूलों का लुफ्त उठाया। साथ ही अपने मम्मी-पापा के साथ जमकर खरीदारी भी की।

रामलीला मंचन में राम-रावण का भयंकर युद्ध हुआ। रावन के वध के साथ ही यहां तीस फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान यहां जमकर आशिबाजी हुई। भारी संख्या में जुटे लोग काफी उत्साहित रहे और अन्तत: वार्षिक मेले के समापन के साथ यहां पांच दिवसीय भव्य आयोजन का समापन होगा।
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