एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल CP Radhakrishnan को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया

NDA declared Maharashtra Governor CP Radhakrishnan as its candidate for the post of Vice President

राधाकृष्णन को संगठन और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़ के लिए जाना जाता है।

नई दिल्ली। एनडीए ने ​रविवार को वरिष्ठ भाजपा नेता और मौजूदा समय महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। उनका जितना लगभग तय माना जा रहा है। क्योंकि दोनों सदन में एनडीए को बहुमत हासिल है। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन यानि चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन दो बार कोयंबटूर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। हालांकि, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के रूप में इन्होंने सक्रिय राजनीति में बड़ी पहचान बनाई। इसके बाद इनको झारखंड का राज्यपाल भी बनाया गया। दरअसल राधाकृष्णन को संगठन और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़ है।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसकी औपचारिक घोषणा की। इसके साथ ही जीतन राम माझी ने भी एक्स पर पोस्ट करके इस बात जानकारी दी। राधाकृष्णन चार दशक से अधिक समय से राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का सम्मानित चेहरा माना जाता है।

संघ से रहा है पुराना नाता

CP Radhakrishnan  का जन्म 20 अक्तूबर बर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में हुआ। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की पढ़ाई की। उनका राजनीतिक सफर आरएसएस से शुरू हुआ। 1974 में वे भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने। ये ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार (गाउंडर) से आते हैं। इनकी पत्नी का नाम आर. सुमति है। साल 1996 में इनको भाजपा तमिलनाडु का सचिव बनाया गया। इसके बाद 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा सांसद चुने गए और 1999 में फिर से जीत का परचम लहराया। इसके साथ ही संसद में उन्होंने टेक्सटाइल पर स्थायी समिति के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। ये पीएसयू समिति, वित्त पर परामर्श समिति और शेयर बाजार घोटाले की जांच करने वाली विशेष समिति के सदस्य भी रहे हैं। साल 2004 में इन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को भारतीय संसदीय दल के हिस्से के रूप में संबोधित भी किया है। ये ताइवान जाने वाले पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे।

जनआंदोलन से बनाई पहचान

CP Radhakrishnan 2004 से 2007 तक भाजपा तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 19,000 किमी लंबी रथयात्रा निकाली, जो 93 दिनों तक चली। इस यात्रा में उन्होंने नदियों को जोड़ने, आतंकवाद खत्म करने, समान नागरिक संहिता लागू करने, छुआछूत समाप्त करने और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान जैसे मुद्दे उठाए। इस यात्रा से इनका राजनीतिक कद और बढ़ गया था। इसके अलावा उन्होंने दो पदयात्राएं भी कीं। 2016 से 2020 तक वे कोचीन स्थित कोयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे। उनके नेतृत्व में कोयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। 2020 से 2022 तक वे भाजपा के ऑल इंडिया प्रभारी रहे और उन्हें केरल का जिम्मा सौंपा गया।

 

18 फरवरी 2023 को उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उन्होंने मात्र चार महीनों में राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया और जनता व प्रशासन से सीधे संवाद किया। 31 जुलाई 2024 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया। इसी बीच साल 2024 में इन्हें तेलंगाना का भी राज्यपाल बनाया गया था। इतना ही नहीं, ये पुड्डुचेरी के उपराज्यपाल भी बनाए जा चुके हैं। सीपी राधाकृष्णन एक अच्छे खिलाड़ी भी रहे हैं। कॉलेज स्तर पर वे टेबल टेनिस चैंपियन और लंबी दूरी के धावक रहे। इसके अलावा उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल का भी शौक रहा है।

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