लखनऊ। यूपी सरकार ने शिक्षा का स्तर उठाने के लिए कम बच्चों की संख्या वाले स्कूलों को पास के स्कूलों में विलय कर दिया गया। अब खाली हुए स्कूल भवनों में बेसिक शिक्षा विभाग ने Bal Vatika की शुरुआत की। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ मिलकर इनको चलाया जाएगा। खाली हुए स्कूलों में पास की आंगनबाड़ी को भी शिफ्ट किया गया है।
बता दें राजधानी में अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार खुद मोहनलालगंज के एक स्कूल पहुंचे। उन्होंने यहां व्यवस्था देखी। उन्होंने बच्चों से बात की,उनको चॉकलेट भी दी। वहीं महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने लखनऊ के बख्शी का तालाब में आदर्श बाल वाटिका विश्रामपुर का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने यहां झंडारोहण भी किया।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छोटे और सीमित उपयोग वाले स्कूलों को बड़े व अधिक संसाधन वाले स्कूलों में समेकन पर बल देती है। इसी के दृष्टिगत पेयरिंग हुए विद्यालय में प्री प्राइमरी शिक्षा/ बाल वाटिका का शुभारंभ किया गया। आईसीडीएस के सहयोग से नई बाल वाटिकाएं चलाई जा रही हैं तथा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अवसंरचनात्मक व अकादमिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
खेल— खेल में मिलेगी शिक्षा
Bal Vatika को चलाने के लिए, खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। बच्चों को विभिन्न गतिविधियों जैसे खेल, कला, संगीत और कहानी सुनाने के माध्यम से शिक्षित किया जाना चाहिए। पाठ्यक्रम बच्चों की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बता दें बाल वाटिका के लिए स्टाफ, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा भर्ती किया जाता है। यह स्टाफ, बाल वाटिका के लिए निर्धारित योग्यताओं को पूरा करता है, जिसमें नर्सरी शिक्षक शिक्षा में डिप्लोमा और वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा में कम से कम 50% अंक शामिल हैं।
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