बिहार में दहशत का पर्याय बना दो लाख इनामी बदमाश गुरुग्राम में क्राइम ब्रांच की गोली का हुआ शिकार

गुरुग्राम। बिहार में सुपारी किलर बना दो लाख इनामी बदशाम गुरुग्राम में पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया। यह मुठभेड बिहार और गुरुग्राम की क्राइम ब्रांच की टीम ने मिलकर अंजाम दिया। उस पर बिहार के सीतामढ़ी थाने में विधायक से रंगदारी मांगने के मामले में केस दर्ज हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब बदमाश बाढ़ गुर्जर पुलिस चौकी के क्षेत्र में बाइक से निकल रहा था। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उसने गोली चलाई। जवाबी गोलीबारी में वह घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया। 26 वर्षीय गैंगस्टर को सिविल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह मुठभेड़ शुक्रवार सुबह 4:00 बजे के आसपास की बताई जा रही है। नवनियुक्त डीसीपी क्राइम राजेश फौगाट के नेतृत्व में कार्रवाई हुई।

जदयू के विधायक से मांगी थी रंगदारी

गैंगस्टर सरोज ने जदयू के विधायक पंकज मिश्रा से रंगदारी मांगी थी। विधायक से रंगदारी मांगने पर सीतामढ़ी थाने में मामला दर्ज हुआ था। आरोपी की तलाश में बिहार पुलिस ने दिल्ली व गुरुग्राम के आसपास डेरा डाल रखा था। बिहार के रहने वाले अपने करीबियों के पास फरारी काट रहा था। हरियाणा के मानेसर में बिहार एसटीएफ और हरियाणा पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई में सीतामढ़ी का कुख्यात अपराधी सरोज राय पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उस पर दो लाख रुपये का इनाम था। सरोज पर दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। हाल में ही सरोज राय ने रून्नीसैदपुर के जदयू विधायक पंकज कुमार मिश्रा से रंगदारी मांगने और पैसा नहीं देने पर विधायक और उनके परिवार की हत्या की धमकी दी थी। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ का एक जवान भी घायल हो गया है।

सरोज राय पर 30 से अधिक मामले

कुख्यात सरोज राय सीतामढ़ी के महिन्दवारा थाना क्षेत्र के बतरौली गांव का निवासी था। उसके खिलाफ सीतामढ़ी जिले के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे 30 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे। जनवरी 2019 में सरोज के गुर्गे के पास से एके-56 जैसे घातक हथियार बरमाद किया गया था। सरोज राय के शार्गिदों ने सड़क निर्माण कर रही कंपनी के मुंशी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने जांच के बाद पुलिस ने एके-56 बरामद की। साथ ही सरोज राय को बिहार एसटीएफ की मदद से नागालैंड भागने के दौरान पूर्णिया से गिरफ्तार किया था।साल 2014 में शहर के बड़े दवा व्यवसायी यतींद्र खेतान की रंगदारी नहीं देने पर हत्या कर दी थी। इसके बाद पहली बार वह अधिक सुर्खियों में आया था। उससे भी पहल यह रंगदारी नहीं देने वाले आधा दर्जन व्यवसायियों को अपने गोली का निशाना बना चुका था।

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