बड़ी भुइय्न माता मंदिर: लखनऊ की पहली धर्म ध्वजा जनमानस में जगा रही धर्मिक चेतना

लखनऊ। राजधानी के आईएमए रोड, यादव चौराहा के निकट सरौरा में स्थित बड़ी भुइय्न माता मंदिर में लोगों की गहरी आस्था है। वहीं मंदिर परिसर में 108 फीट की ऊंचाई पर लगी धर्म ध्वजा जनमानस में सनातन के प्रति धार्मिक अलख जगाए रखने का काम कर रही है। दरअसल बड़ी भुइयन माता मंदिर (Bhuiyan Mata Temple) परिसर में 5 नवंबर, 2019 को अक्षय तृतीय के दिन गुरु योग थाना पति महन्त मुन्ना गिरि महाराज,

मायादेवी मंदिर, हरिद्वार (13 मणि सन्यासी), श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, काशी के कृपापात्र, माता सेवक व तपस्वी नागा साधु आनन्द गिरि महाराज द्वारा सनातन धर्म की अलख जलाए रखने एवं जनमानस में धार्मिक चेतना जाग्रत करने के उद्देश्य से लखनऊ में पहली धर्म ध्वजा लगाई गई। इस अवसर पर आयोजित उत्सव में भारी संख्या में साधु—संत व श्रद्धालु मौजूद रहे।

यहां सालभर श्रद्धालुओं का लगा रहता है तांता

उल्लेखनीय है कि यूपी की राजधानी लखनऊ का प्राचीन बड़ी भुइयन माता मंदिर (Bhuiyan Mata Temple) काफी विख्यात है। वर्ष भर विभिन्न भव्य धार्मिक अनुष्ठान यहां श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र बने रहते हैं। मंदिर परिसर में होने वाले भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में हनुमंत महायज्ञ, शतचंडी महायज्ञ, सुमेरू महायज्ञ प्रमुख है, जिसमें हजारों की संख्या में यहां श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है।

श्रद्धालुओं के लिए इस मंदिर का कपाट कभी बंद नहीं होता, जिससे यहाँ आने वाले भक्तों की माता रानी के दर्शन की अभिलाषा आसानी से पूरी हो जाती है। यहां आने वाले भक्तों पर माता रानी की कृपा 24 घंटे बरसती रहती हैं। क्षेत्रवासियों में मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। मंदिर परिसर में बड़ी भुइयन माता की प्रतिमा के साथ तीन देवियां विराजमान हैं। यहां शनिदेव, भौरव बाबा, अर्द्ध्नारीश्वर भगवान,गणेशजी, श्री हरि, लक्ष्मी मांता, कुबेर जी, शिवबाबा, हनुमानजी का भी मंदिर स्थापित है।

गुरू पूर्णिमा पर यहां उमड़ता है आस्था का सैलाब

गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर यहां हर वर्ष मेला व भव्य भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। माता मंदिर के सामने ही यहां एक भव्य हवनकुंड है, जहां विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। प्राचीन बड़ी भुइयन माता मंदिर की मान्यता है कि यहां जो भी भक्त सच्चे मन से अपना शीश झुकाता है, उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है।

माता सेवक तपस्वी नागा साधु आनंद गिरि ने बताया कि माता रानी के दर्शन को भक्त दूर दराज से यहां आते हैं। माता रानी की कृपा से श्रद्धालुओं के दुख दूर होते हैं। उनके मुताबिक लोगों की सद्बुद्धि, उनके कष्टों के निवारण एवं उनमें सनातन की धार्मिक चेतना को जगाए रखने के उद्देश्य से यहां निरन्तर भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है ताकि माता रानी की कृपा सभी पर बनी रहे।

बड़ी भुइय्न माता मंदिर जाने का रास्ताhttps://maps.google.com/maps?q=26.9377711%2C80.8654125&z=17&hl=en

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