बरेली। Murder Driven by Unrequited Love : यूपी के बरेली जिले में एकतरफा प्यार में डीएलएड छात्रा नीतू की हत्या करने का आरोपी अशोक उससे एकतरफा प्यार करती थी, लेकिन नीतू उसे बाकी दोस्तों की तरह ही समझती थी। अशोक नीतू से शादी करना चाहता था। परीक्षा के दौरान जब वह नीतू का मोबाइल लेकर बाहर बैठा, तभी दोस्तों के मेसेज, कॉल और फोटो देखकर नीतू की हत्या का इरादा बना लिया था। उसने 16 मई को नीतू की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद मौके से भाग गया। नीतू का शव सीबीगंज में झुमका चौराहे से करीब 400 मीटर अंदर खेत में मिला था। सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
मौसा के घर रहती थी नीतू
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नीतू इन दिनों अपने मौसा के आलोक नगर में रहती थी। नीतू के मौसा उसे सेटेलाइट चौराहे पर लाकर किसी वाहन में फरीदपुर जाने के लिए बैठाते थे। रास्ते में वह उसे अपनी बाइक पर बैठा लेता था। परीक्षा के दौरान नीतू का मोबाइल फोन लेकर वह बाहर इंतजार करता था। वापसी में वह नीतू को फरीदपुर से मौसा के घर तक छोड़ता था। अशोक ने बताया कि 13 व 14 मई को दो दिन लगातार नीतू का फोन उसके पास रहा तो उस पर कुछ लड़कों की कॉल व मेसेज आए। उसने देखा कि गैलरी में कुछ लड़कों के साथ नीतू के फोटो हैं। हालांकि, फोटो आपत्तिजनक नहीं थे लेकिन वह नीतू के साथ किसी को बर्दाश्त नहीं कर सकता था। इसलिए कई फोटो उसने सुरक्षित कर लिए।
आरोपी ने बताया कि 15 को अंतिम परीक्षा के बाद जब नीतू कॉलेज से निकलकर उसकी बाइक पर बैठी तब उसने इन बातों का जिक्र किया। इस पर नीतू ने सफाई दी, पर उसने दो बार नीतू को बाइक से गिरा दिया। इससे उसके घुटनों व कोहनी में चोट आ गई। फरीदपुर में ही एक जगह सड़क पर उनका झगड़ा देखकर आसपास लोग आ गए। तब नीतू ने ही बात संभाली और आपसी विवाद बताकर फिर उसके साथ बाइक पर बैठ गई।
छह साल से थी पहचान
अशोक ने बताया कि उसका गांव व शीशगढ़ का मानपुर गांव सटे हुए है। नीतू के पिता सोमपाल गंगवार मानपुर में विद्यालय चलाते हैं। वहां इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और परीक्षा फॉर्म दूसरे विद्यालय से भरवाए जाते हैं। वह भी 2020 में वहां पढ़ाई करने गया था। तभी से उसकी नीतू से दोस्ती थी। उसने हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी, पर लगातार नीतू और उसके परिवार के संपर्क में रहा। नीतू के लापता होने के बाद नीतू की बहन ने पिता को अशोक के बारे में बताया। नीतू के परिवार ने उससे संपर्क किया तो उसने उन लड़कों के नाम पुलिस को बता दिए जिनके मेसेज व कॉल वह नीतू के मोबाइल फोन में देख चुका था। पुलिस भी इससे भ्रमित हुई। हल्द्वानी निवासी हरेंद्र नाम का लड़का भी पकड़ा गया, लेकिन वह बेकसूर निकला।
अशोक ने बताया कि नीतू पढ़ाई में अच्छी थी, जबकि वह कोई खास काम नहीं करता था। सजातीय होने के कारण वह नीतू से शादी करना चाहता था। उसे उम्मीद थी कि नीतू भविष्य में या तो शिक्षिका बन जाएगी या फिर अपने पिता का स्कूल संभाल लेगी। उससे शादी होने पर अशोक का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा। हत्यारोपी ने बताया कि नीतू की परीक्षा दिलाने के लिए वह 13 मई को बाइक लेकर घर से निकला था। बरेली में उसका कोई रिश्तेदार या परिचित नहीं है। इस दौरान वह रात में ढाबे पर बाइक लगाकर उसी पर सो जाता था। कभी खाना तो कभी चाट-पकौड़ी खाकर काम चलाता था। वर्ष 2023 में एक बार वह बाइक चलाते वक्त नीतू से फोन पर बात कर रहा था। किसी बात पर झगड़ा हुआ तो उसने गुस्से में बाइक से पेड़ में टक्कर मार दी थी। तब वह कई दिन आईसीयू में रहा।
लोकेशन और फुटेज से फंसा
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि हत्या के वक्त अशोक के मोबाइल फोन की लोकेशन घटनास्थल पर मिली तो उसके प्रति संदेह और बढ़ गया। टोल प्लाजा व कुछ अन्य जगहों से नीतू के साथ बाइक पर जाते अशोक की फुटेज मिली और फोन पर बात के प्रमाण से पुष्टि हो गई।
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