आजमगढ़।Robbery in West Bengal गिरोह के साथ पश्चिम बंगाल की ज्वेलरी शॉप से सात करोड़ रुपये की डकैती करने के दो आरोपियों को यूपी एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने आदर्श सिंह और सूरज सेठ को बुधवार दोपहर गंभीरपुर टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से 20 लाख रुपये नकद और सोने, चांदी, हीरे आभूषण बरामद किए गए हैं। आदर्श सिंह जौनपुर जिले के केराकत बेहड़ा का रहने वाला है। सूरज सेठ वाराणसी जिले के चोलापुर का रहने वाला है।
दिन दहाड़े डाली थी डकैती
एसटीएफ के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि तीन अगस्त 2025 को पश्चिम बंगाल के थाना दानकुनी हुगली क्षेत्र के सोहन ज्वेलरी शॉप पर छह बदमाशों ने दिनदहाड़े डकैती डाली थी। बदमाशों ने 5-6 किलोग्राम सोने, चांदी और हीरे के आभूषण लूट लिए थे। कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर मारपीट की थी। आभूषण की कीमत सात करोड़ से ज्यादा की बताई गई थी। पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच की तो पता चला कि बिहार और उत्तर प्रदेश के बदमाशों की मदद से वारदात को अंजाम दिया गया है। इसके बाद एसटीएफ की वाराणसी इकाई को जांच में लगाया गया। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की गई और आजमगढ़ के गंभीरपुर टोल प्लाजा के पास से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कोलकाता में लूट के बाद रांची भागे थे
पूछताछ में आदर्श सिंह ने बताया कि पहले से कई लूट और डकैती की कई वारदात को अंजाम दे चुका है। कोलकाता में ज्वेलरी लूट की साजिश बिहार के वैशाली निवासी बिट्टू और पटना के विनोद राय ने बनाई थी। सभी लोग 2 अगस्त को बस से कोलकाता पहुंचे थे। गिरोह के सभी सदस्यों को असलहा और चोरी की बाइक उपलब्ध कराई गई। 3 अगस्त को छह बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया। बाद में वे कार से रांची भाग गए और फिर इनोवा से वाराणसी पहुंचे। आदर्श सिंह बाद में अपने गांव बेहड़ा पहुंचा। कुछ दिन बाद बिट्टू वहां आया और लूट के जेवरात का बंटवारा किया गया। एसटीएफ के अनुसार आदर्श सिंह का चाचा दीपक सिंह बेहड़ा भी कुख्यात बदमाश था जो वाराणसी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
