बदायूं।badaun massacre बदायूं के एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ है। अगर यहीं सक्रियता पहले दिखाई होती तो यह वारदात नहीं होती। जिला प्रशासन आरोपी की काली कमाई से बनाई गई संपत्ति को जमींदोज करने की तैयारी में है, इसके साथ ही उस पर एनएसए की कार्रवाई होगी। इस विषय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है।वहीं स्थानीय व्यापारी आरोपी का एंकाउंटर करने की मांग कर रहे है, ताकि अपराधियों में प्रशासन का खौफ हो। एक व्यापारी ने नाम जाहिर करने पर मांग की है कि गौहत्या करने पुलिस आरोपी को मार गिराती है। और यहां सरकारी कर्मचारी के हत्या के बाद केवल उसके पैर में गोली मारने का नाटक किया गया है, जबकि उसके सिर में गोली मारनी चाहिए थी।
शुरूआती जांच में पता चला है कि एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में पराली से बनने वाली खाद के कारोबार में दबंगई और अवैध कमाई में दोनों अधिकारी दबंग के सामने रुकावट थे, इसलिए आरोपित ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।प्लांट से निकलने वाली बायोफर्टिलाइजर खाद, लोडिंग-अनलोडिंग और परिवहन के काम में मुनाफा होने के कारण इस पर लंबे समय से स्थानीय दबंगों, बिचौलियों और कुछ रसूखदारों की नजर थी। प्लांट में तैयार होने वाली खाद की सप्लाई को लेकर नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की जा रही थी। कुछ कर्मचारी स्थानीय दबंगों से साठगांठ कर खाद को अवैध तरीके से ट्रॉलियों में भरवाकर बाहर बेच रहे थे। आम किसानों और छोटे व्यापारियों को जहां खाद लेने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ता था, वहीं रसूखदार लोग अपने प्रभाव के बल पर सीधे प्लांट परिसर से ट्रॉलियां भरवाकर माल बाहर निकाल लेते थे।
दबंर्ग बल पर निकलवाता था ट्रॉलियां
आरोपी अजय प्रताप सिंह एक ट्रॉली का भुगतान करने के बाद आठ से दस ट्रॉलियां खाद दबंगई के दम पर निकलवा लेता था। इस दौरान कतार में खड़े किसानों और व्यापारियों को धमकाकर भगा दिया जाता था। सूत्रों के अनसार प्लांट में नियुक्त कुछ कर्मचारी भी इस खेल में शामिल थे। अंदरूनी मिलीभगत के कारण ही खाद की लोडिंग में मनमानी हो रही थी। इसे रोकने के लिए कंपनी प्रबंधन ने खाद की बिक्री को नई ब्रांडिंग और थर्ड पार्टी व्यवस्था के जरिये करने की तैयारी शुरू कर दी थी, जिससे इसकी कीमत दो से ढाई रुपये प्रति किलो तक हो सकती थी। माना जा रहा है कि इस बदलाव से अवैध तरीके से खाद निकालकर मुनाफा कमाने वाले लोगों के हित प्रभावित होने वाले थे, जिससे तनाव बढ़ गया।
आरोपी पर एनएसए लगाने की तैयारी
इस वारदात के बाद से ही आरोपी का घर व राशन की दुकान बंद है। कार्रवाई की जद में आ रहीं इसकी सभी छह दुकानों को भी प्रशासन ने खाली करवाते हुए उनको ध्वस्तीकरण के लिए शनिवार को चिह्नित कर दिया। इसके अलावा पुलिस के स्तर से आरोपी के खिलाफ एनएसए लगाने की भी तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही उससे साथ जुड़े लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है। यदि किसी की आरोपी के साथ ज्यादा नजदीकी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
डीएम ने लिया प्लांट परिसर का जायजा
डीएम अवनीश राय ने शनिवार को सैजनी गांव स्थित प्लांट पर पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लिया। डीएम ने प्लांट के अधिकारियों व कर्मचारियों से भी बात की व उनको हर संभव मदद का आश्वासन दिया। डीएम ने बताया कि प्लांट पर सुरक्षा के लिए पीएसी तैनात है। दो अधिकारियों की हत्या के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। शनिवार को भी प्लांट का संचालन पूरी तरह ठप रहा और परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य गेट पर पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई है।
प्लांट में बनेगी पुलिस चौकी
एसएसपी अंकिता शर्मा ने सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट परिसर में नई पुलिस चौकी बनाने के आदेश दिए। इस चौकी पर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो उपनिरीक्षक और आठ आरक्षियों की तैनाती की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि पुलिस चौकी स्थापित होने से औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। वहीं, देर रात सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार को हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। राहुल पाण्डेय नए सीओ होंगे। इससे पहले शुक्रवार को एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को भी हटा दिया गया था।
