International Girl Child Day हर बेटी में है नेतृत्व की शक्ति, हर आवाज़ में है बदलाव की गूंज।” हर बेटी में है बदलाव की ताकत

Every daughter has the power of leadership, every voice has the echo of change.” Every daughter has the power of change.

बेटियों ने समाज को संदेश दिया “जब बेटियाँ सशक्त होंगी, तभी समाज सशक्त होगा।”

लखनऊ।International Girl Child Day  इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया व उत्तर प्रदेश कोएलिशन टू एम्पावर गर्ल्स (UPCEG) ने सागर पार्क, नियर सरकारी अस्पताल, ग्राम- बडागाव,काकोरी ब्लाक, लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर “The Girl I Am, The Change I Lead – मैं वही बदलाव हूँ जिसकी दुनिया को ज़रूरत है” थीम पर “सशक्त बेटियां – सशक्त समाज” रैली निकाली गई। और “मेरी आवाज़, मेरी ताकत” विषय पर समूह संवाद आयोजित हुआ। और बेटियों ने अपने नेतृत्व की कहानियाँ साझा कीं और समुदाय से समान अवसर की माँग की। पूरे कार्यक्रम में लड़कियों की उत्साह, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा दिखाई दी। कार्यक्रम में पोस्टर, गीत, संवाद और नारों के माध्यम से बेटियों ने समाज को संदेश दिया “जब बेटियाँ सशक्त होंगी, तभी समाज सशक्त होगा।”

समाज को बदल सकती है बेटियां

कार्यक्रम में संस्था के निदेशक अमित ने कहा की “जब लड़कियां खुद को पहचानती हैं, तो वे सिर्फ अपनी नहीं, पूरे समाज की दिशा बदल देती हैं।” “हर बेटी एक नई दिशा है उसे रोकना नहीं, आगे बढ़ाना ही सशक्तिकरण है।”कार्यक्रम में शामिल आकांक्षा सिंह महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत बताया कि हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपने अधिकारों की रक्षा कर सकती हैl इसके साथ ही उन्होंने लड़कियों महिलाओं से जुड़े क़ानून की जानकारी देते हुए कहा “सुरक्षा और सम्मान, दोनों हर बेटी का अधिकार हैं घर और समाज को इसे सुनिश्चित करना होगा।”

हम बदलाव की शुरुआत हैं

ज्ञानवती शिक्षिका ने कहा “पढ़ी-लिखी बेटियाँ ही नेतृत्व की मजबूत नींव रखती हैं।” इसलिए लड़कियों को शिक्षा से जोड़ना बहुत जरुरी हैं. चेंज मेकर नेहा महत्वा, शिवरी (18 वर्ष) ने कहा इनिशिएटिव फाउंडेशन के साथ जुड़ने के बाद हमने अपने अधिकार जाने और अब “हम सिर्फ आवाज़ नहीं हैं, हम बदलाव की शुरुआत हैं।”समुदाय लीडर शगुन, बडागाव (17 वर्ष) ने कहा “जब हमने संस्था जुड़ा और सवाल पूछना शुरू किया, तभी बदलाव की कहानी शुरू हुई।” इस कार्यक्रम में संस्था की टीम संध्या, हेमा,शायरा, सुरेश, शालिनी, आँचल, वर्तिका, मानसी सहित सैकड़ों बेटियां, महिलाएं, समुदाय के सदस्य, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और पुलिस अधिकारी ने भाग लिया।

 

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