कानपुर। Cyber Fraud वैसे देश का सबसे बड़ा ठगी का कारोबार झारखंड के जामताड़ा से होता है, उसी तर्ज पर कानपुर के रेउना गांव में लोगों से ठगी का खेल रातभर चलता था। ठग गांव के बाहर बनी झोपड़ियों तो झाड़ियों में बैठकर लोगों को फोन करके लोगों की गाढ़ी कमाई ठगने का कारोबार करते थे। आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों और जान पहचान वालों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाता खुलवा रखा है। इन खातों में लोगों के रुपये ट्रांसफर करते या कराते थे। शुक्रवार को पुलिस ने लगभग 10 लाख रुपये बैंक खातों में फ्रीज कराए हैं।बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों में रुपये के लेनदेन की डिटेल शनिवार तक आ सकेगी। एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि गुरुवार को ग्रामीण बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के 13 खातों का पता चला। इन खातों से अलग-अलग खातों में करीब 40 लाख रुपये भेजे गए।बता दें कि गुरुवार को पुलिस कार्रवाई करते हुए 20 लोगों को पकड़ा है, जबकि 17 लोगों की तलाश जारी है।
ऑनलाइन चलाते थे खाते
यह रकम 40 बैंक खातों में डाली गई थी। इसी तरह शुक्रवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के 12 खातों की डिटेल आई है। इन खातों से कई अन्य अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। यह बैंक अकाउंट अधिकतर म्यूल अकाउंट हैं। इनका ऑनलाइन संचालन गिरोह के कुछ सदस्य कर रहे थे। एडीसीपी एसओजी के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा की गिरसी शाखा में शुक्रवार दोपहर आरोपियों के बैंक खातों की जांच चल रही थी। बैंक मैनेजर ने इस कार्य में कुछ स्टाफ को लगा रखा था। अचानक एक महिला उसी संदिग्ध बैंक खाते से रुपये निकालने आ गई। बैंक मैनेजर ने तुरंत पुलिसकर्मियों का सूचना दी। पुलिस ने तुरंत महिला को हिरासत में ले लिया गया। यह बैंक खाता साइबर अपराध करने के आरोप में जेल भेजे गए अशोक का था। उसकी पत्नी रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंची थी। उसको पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। अशोक के खाते में लगभग साढ़े छह लाख रुपये थे। उसका बैंक खाता पहले ही फ्रीज किया जा चुका था।
कई गांवों को बनाया ठिकाना
साइबर अपराधियों ने घाटमपुर के साथ ही कानपुर देहात के कई गांवों में ठगी का अड्डा बना रखा था। यहां से काॅल कर रुपये ऐंठते हैं। यह जानकारी पुलिस को हुई है। जल्द ही यहां पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसकी सूचना कानपुर देहात की पुलिस को दे दी गई है। एसओजी, क्राइम ब्रांच ने रेउना थाने के फोर्स के साथ शुक्रवार को रठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर, लीलादास का पुरवा गांव का जायजा लिया। यहां कई संदिग्ध और संवेदनशील वस्तुएं मिली हैं। इनसे आरोपियों के दोपहर ही नहीं देर रात तक रुककर ठगी की साजिश करने की जानकारी हुई है। अधिकारियों ने पुलिस की टीमों को इन गांवों में देर रात भी चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।
