New GST rates : अमेरिकी टैरिफ का दम निकालने सरकार ने उठाया सराहनीय कदम

New GST rates: The government took a commendable step to take the pressure off American tariffs

विभिन्न जैव कीटनाशकों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है।

नईदिल्ली।New GST rates अमेरिकी टैरिफ की हवा निकालने के लिए मोदी सरकार ने जीएसटी स्लैब में बदलाव किया। इससे व्यापारियों के साथ ही आम जनता को राहत मिलेगी, जहां गरीबों को चीजे सस्ती मिलेगी तो वहीं व्यापारियों को राहत मिलेगी। अब जीएसटी की सिर्फ दो दरें पांच और 18 प्रतिशत होंगी। जीएसटी दरों में इस बदलाव से ब्रेड पराठा और दूध से लेकर एसी और कार तक सस्ते होंगे।

जीएसटी परिषद ने कई डेरी उत्पादों, उर्वरकों, जैव कीटनाशकों और कृषि उपकरणों पर कर की दरें कम कर दिया। हालांकि यह दरें 22 सितंबर से लागू होगी। इससे त्योहारों से पहले किसानों और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनिया सहित प्रमुख उर्वरक कच्चे माल पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार ने नीम-आधारित कीटनाशक सहित विभिन्न जैव कीटनाशकों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है।

दूध, मक्खन, और पनीर से जीएसटी हटाया

कंडेंस्ड दूध, मक्खन, और पनीर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। विभिन्न कृषि उपकरणों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है। अति उच्च तापमान वाले दूध, छेना या पनीर, पिज्जा ब्रेड, सादी चपाती या रोटी पर कर की दर 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दी गई है। इनमें 15 हार्स पावर तक की क्षमता वाले डीजल इंजन, हैंड पंप, ड्रिप सिंचाई उपकरण और स्पि्रंकलर के लिए नोजल, मिट्टी तैयार करने के लिए कृषि और बागवानी मशीनरी, कटाई और थ्रेसिंग मशीनरी, कंपोसिंटग मशीन और ट्रैक्टर (1800 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले सेमी-ट्रेलर के लिए ट्रैक्टर को छोड़कर) शामिल हैं।

इन उत्पादों पर पांच प्रतिशत जीएसटी

घटी हुई दरें सेल्फ-लोडिंग कृषि ट्रेलरों और ठेलागाड़ियों सहित हाथ से चलने वाले वाहनों पर भी लागू होंगी। परिषद ने ट्रैक्टर के पिछले टायर और ट्यूब, ट्रैक्टरों के लिए 250 सीसी से अधिक क्षमता वाले कृषि डीजल इंजन, ट्रैक्टर के लिए हाइड्रोलिक पंप और विभिन्न ट्रैक्टर कलपुर्जों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है। इन फैसलों से किसानों की लागत कम होने और आवश्यक डेयरी उत्पाद उपभोक्ताओं के लिए किफायती होने की उम्मीद है।

कोल्ड ड्रिंक हो जाएगा महंगा

कोका-कोला एवं पेप्सी जैसे शीतल पेय और अन्य गैर-अल्कोहल पेय पदार्थ भी अब महंगे हो जाएंगे। जीएसटी परिषद ने कार्बोनेटेड पेय पदार्थों पर कर की दर को वर्तमान 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने को मंजूरी दे दी। परिषद ने फलों से बने पेय या फलों के रस वाले कार्बोनेटेड पेय पदार्थों पर भी कर की दर 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी। इसके साथ ही परिषद ने कैफीन-युक्त पेय पदार्थों पर भी जीएसटी की दर बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी। अन्य गैर-अल्कोहल पेय पदार्थ भी महंगे हो जाएंगे क्योंकि इन वस्तुओं पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है।

जालिम भाई: बहन ने चोरी से गेहूं बेचने से रोका तो भाई ने गंडासे से काट डाला गला, मां भी किए वार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

‘राम’ बनकर छाए रणबीर कपूर Play Holi with herbal colours Shreya Sharma’s new avatar in ‘Mr. and Mrs. Grey’ भारत की चैंपियन बेटियां Main Shakti Peethas of Mother